पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >अमरीका Print | Share This  

गद्दाफी के बेटे ने किया था समर्पण

गद्दाफी के बेटे ने किया था समर्पण

त्रिपोली. 20 नवंबर 2011

सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी


कर्नल गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम की गिरफ्तारी के लिबिया की अंतरिम सरकार के दावे के बीच यह खबर आ रही है कि सैफ ने खुद ही आत्मसमर्पण किया है. कहा जा रहा है कि लंदन स्कूल ऑफ इकानामिक्स से डाक्टरेट किये हुये कर्नल गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम ने अपने राजनीतिक सलाहकारों के कहने पर यह कदम उठाया. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत ने भी माना था कि सैफ अल-इस्लाम के आत्मसमर्पण को लेकर बातचीत चल रही है.

गौरतलब है कि शनिवार को लीबिया की अंतरिम सरकार ने सैफ अल-इस्लाम को उनके तीन सहयोगियों के साथ लिबिया के दक्षिणी इलाके उबारी से गिरफ्तार किये जाने की घोषणा की थी, जिन्हें बाद में जिंटान शहर में सेना की हिरासत में रखा गया है. हालांकि पत्रकारों के सामने जब सैफ को लाया गया तो उनका चेहरा ढका हुआ था और उनकी उंगलियों और अंगूठे में बैंडेज लगे हुये थे. जाहिर है, सैफ अल-इस्लाम की पहचान को लेकर भी कहीं न कहीं संशय का वातावरण था.

सैफ के खिलाफ अमरीकी दबाव में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक अदालत ने मानवता के खिलाफ अपराध किये जाने का वारंट जारी किया था. शनिवार को उसकी कथित गिरफ्तारी के बाद लीबिया के अंतरिम प्रधानमंत्री अबदुररहीम एल कीब ने कहा कि यह सफलता की एक ऐतिहासिक घड़ी है और हम सैफ पर निष्पक्ष तरीके से मुकदमा चलाएंगे.

कर्नल गद्दाफी के 39 वर्षीय बेटे सैफ अल-इस्लाम को लेकर विद्रोही यह मानते रहे हैं कि विद्रोहियों के खिलाफ किसी भी तरह से लड़ाई छेड़ने की छोटी-बड़ी कोई भी कोशिश सैफ के द्वारा ही की जा सकती थी. सैफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीति में माहिर माने जाते रहे हैं और कई देशों के साथ उनके घनिष्ठ संबंध रहे हैं. बेहद उदारवादी माने जाने वाले सैफ अल-इस्लाम को कर्नल गद्दाफी के स्वाभाविक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता रहा है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in