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भंवरी देवी को जिंदा या मुर्दा तलाशने में जुटी सीबीआई

भंवरी देवी को जिंदा या मुर्दा तलाशने में जुटी सीबीआई

जोधपुर. 20 नवंबर 2011

भंवरी देवी


जोधपुर की नर्स और लोक कलाकार भंवरी देवी को जिंदा या मुर्दा तलाशने के लिये सीबीआई और राज्य पुलिस जी जान से जुटी हुई है. शनिवार और रविवार को सीबीआई ने राज्य के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की कई कार्रवाई की. इसके अलावा कई संदेहियों से पूछताछ भी की गई. हालांकि इस पूरी कार्रवाई में पुलिस को कोई खास सफलता नहीं मिल पाई है. पुलिस सहीराम की तलाश में भी जुटी हुई है.

असल में सीबीआई की पूरी चिंता इस बात की है कि अदालत में वह क्या जवाब देगी ? 14 नवंबर को जब सीबीआई ने भंवरी देवी कांड में अदालत से और समय मांगा तो जोधपुर की अदालत ने तल्ख टिप्पणी की थी. अदालत ने कहा था कि आम जनता सीबीआई पर बहुत भरोसा करती है. ऐसे में लगातार समय मांगते जाने से आम जनता में बेहतर संदेश नहीं जाता. अदालत ने सीबीआई को 24 नवंबर तक का समय देते हुये कहा था कि हमें इस मामले में प्रगति नहीं, रिजल्ट चाहिये. संकट ये है कि इस मामले में अब जा कर अपनी पूरी जी जान लगाने वाली सीबीआई के हाथ में कुछ नहीं आ रहा है.

माना जा रहा है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार के कई लोगों के इस मामले में शामिल होने के कारण भी सीबीआई को अपना काम करने में अड़चन आ रही है. हालांकि सीबीआई के अफसर किसी भी तरह के दबाव से इंकार करते रहे हैं.

ज्ञात रहे कि भंवरी देवी एक सितंबर से ही लापता हैं. भंवरी देवी ने अपनी कार जल संसाधन विभाग के एक ठेकेदार सोहनलाल विश्नोई को बेची थी. एक सितंबर को वह विश्नोई से कार की रकम लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद वह नहीं लौटी. माना जा रहा है कि राज्य सरकार के कुछ विधायक और मंत्री के साथ भंवरी देवी के कुछ आपत्तिजनक सीडी हैं और इसी कारण से उनका अपहरण किया गया. कहा जाता है कि भंवरी देवी कथित अश्लील सीडी के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रही थी. ऐसे कई टेप सामने आए हैं, जिससे ब्लैकमेलिंग की बात साबित होती है.

भंवरी देवी के पति अमरचंद का आरोप था कि उसे सरकार के एक कैबिनेट मंत्री ने गायब कराया था. उसका कहना था कि उसकी 37 वर्षीय पत्नी जालीवाड़ा पीपाड़ में एएनएम के पद पर कार्यरत थी. उसने अपने इच्छित स्थान पर तबादला करवाने के लिए मदेरणा से संपर्क किया. इस पर मदेरणा ने उसका स्थानांतरण तो करवा दिया, लेकिन इसके बाद फोन कर भंवरी को किसी न किसी बहाने बुलाने लगे.

इस मामले में जोधपुर जिले की एक अदालत ने भंवरी देवी के पति के इस्तगासे के आधार पर जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए थे. बाद में उच्च न्यायालय ने भी सरकार को फटकार लगाई.इसके बाद जब विरोध बढ़ा तो मदेरणा को सरकार ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया.

भंवरी देवी के अपहरण मामले में सीबीआई द्वारा 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है. इसके अलावा सीबीआई ने सहीराम का सुराग देने वाले को भी 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. जोधपुर की अदालत ने सीबीआई को इस मामले में कड़ी फटकार लगाते हुये कहा था कि सीबीआई इस मामले को आरुषी हत्याकांड की तरह अनिश्चितकाल तक केवल जांच का विषय ही बना कर नहीं रखे.


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