पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >पाकिस्तान Print | Share This  

हक्कानी का इस्तीफा

हक्कानी का इस्तीफा

लाहौर. 23 नवंबर 2011

पिछले कुछ दिनों से विवादों के घेरे में आये अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत हुसैन हक्कानी ने इस्तीफा दे दिया है. माना जा रहा है कि यह इस्तीफा कथित ज्ञापन विवाद के कारण दिया गया है, जिसके बारे में कहा गया था कि लादेन के मारे जाने के बाद हक्कानी ने एक ज्ञापन सौंप कर अमरीका से मदद की गुहार लगाई थी.

हक्कानी


इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय ने हक्कानी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिये ऐसा करना जरुरी था. इधर हक्कानी ने कहा है कि मैंने प्रधानमंत्री गिलानी से अनुरोध किया है कि अमरीका में पाकिस्तान के राजदूत के पद से मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए.

हक्कानी ने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति आसिफ़ अली जरदारी, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और सेनाध्यक्ष जनरल अशफाफ परवेज कियानी से एक साथ मुलाकात की.

गौरतलब है कि हक्कानी के खिलाफ एक पाकिस्तानी मूल के एक अमरीकी व्यापारी मंसूर ऐजाज ने एक लेख में आरोप लगाया था कि उन्होंने पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने सेना की कमान बदलने और चरमपंथी संगठनों से नाता तोड़ने की बात कही थी. इसके लिये उन्होंने एक ज्ञापन बनाया था, जिसे ऐजाज ने अमरीका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक मलेन को सौंपा था. ऐजाज के अनुसार जरदारी को शक था कि सेना उनका तख्ता पलट सकती है, इसलिये उन्होंने अमरीका से गुहार लगाई थी.

माइक मलेन ने भी इस तरह का एक गुप्त ज्ञापन सौंपे जाने की पुष्टि की थी. लेकिन उनक कहना था कि इस ज्ञापन को उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया था, इसलिये इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in