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अन्ना पागल और तालिबानी

अन्ना पागल और तालिबानी

नई दिल्ली 23 नवंबर 2011

अन्ना हजारे


समाजसेवी अन्ना हजारे द्वारा शराबियों को बांधकर पीटने की सलाह को लेकर सीपीआई के नेता गुरदास दासगुप्ता ने जहां अन्ना हजारे को पागल और तालिबानी कहा है, वहीं महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने भी अन्ना हजारे की आलोचना की है. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने भी अन्ना को तालिबानी की संज्ञा दी है. दूसरी ओर बाबा रामदेव ने अन्ना का समर्थन किया है.

अन्ना हजारे का कहना था कि शराबियों को पहले 3-4 बार समझाना चाहिये और अगर उसके बाद भी वे नहीं मानें तो उन्हें खंभे से बांधकर सार्वजनिक तौर पर उनको पीटना चाहिये. अन्ना हजारे ने इससे पहले भी इस तरह के सुझाव दिये हैं.

अन्ना के इस बयान की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुरदास दासगुप्ता ने कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि अन्ना हजार पागल हो गये हैं और इस तरह का बयान तालिबान की तरह का फरमान है.

महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने अन्ना के बयान पर कहा कि इस बयान के बाद यह बात और स्पष्ट हो गई है कि उन्हें गांधी के विचार ने छुआ तक नहीं है. उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान एक तरह की हिंसा है और कोई गांधीवादी ऐसी हिंसा की बात नहीं कर सकता.

इधर बाबा रामदेव ने अन्ना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि अन्ना हजारे हमारे बुजुर्ग हैं और उनके कहे का सम्मान करना चाहिये. बाबा रामदेव ने कहा कि हम कपालभाती करवा कर ही लोगों की शराब की लत छुड़वा देते हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि अन्ना की सलाह पर अगर अमल की जाये तो आधे केरल, तीन चौथाई आंध्र प्रदेश और पंजाब के तीन चौथाई हिस्से के लोगों को कोड़े मारने चाहिए. उन्होंने कहा कि तालिबान ऐसा ही काम करता था.


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