पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

और नेताओं को पड़ेगा चांटा

और नेताओं को पड़ेगा चांटा

नई दिल्ली. 24 नवंबर 2011

शरद पवार


गुरुवार को कृषि मंत्री शरद पवार को हरविंदर सिंह नामक युवक द्वारा चांटा मारे जाने की घटना को लेकर कई नेताओं के बयान जिस तरह के आये हैं, उससे निहितार्थ यही हैं कि आने वाले दिनों में और नेताओं को भी चांटा पड़ सकता है.

गौरतलब है कि केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को हरविंदर सिंह नामक युवक ने उस समय चांटा मारते हुये हमला बोल दिया, जब गुरुवार को शरद पवार राजधानी में आयोजित एनडीएमसी में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिये आये थे. बाद में सुरक्षाकर्मियों ने हरविंदर सिंह को हिरासत में ले लिया. उसने हिरासत में लिये जाने के बाद शरद पवार की ओर अपनी कृपाण निकालते हुये उन्हें चीर देने की बात कही.

शरद पवार पर हुये हमले पर पूर्व आईपीएस और टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि प्रार्थना कीजिए कि उचित लोकपाल विधेयक शीतकालीन सत्र में पारित हो जाए, अन्यथा बढ़ता गुस्सा सड़कों पर उतर आएगा. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि यही हाल रहा तो और नेताओं को निशाना बनाया जा सकता है.

उधर रालेगण सिद्धि में कुछ मीडियाकर्मियों ने जब समाजसेवी अन्ना हजारे को शरद पवार पर हमले के बारे में बताया तो उनकी पहली प्रतिक्रिया थी- उन्हें थप्पड़ पड़ा. सिर्फ एक थप्पड़ ? लेकिन बाद में अपने कमरे से बाहर आते हुए हजारे ने घटना की निंदा की. सिर्फ एक एक थप्पड़ वाली बात पर अन्ना ने कहा कि वह करीब 200 से 300 मेहमानों से बात कर रहे थे और उसी समय किसी ने एक लिखित टिप्पणी भेजी कि पवार पर हमला हुआ. अन्ना के अनुसार- मैंने उनसे पूछा कि क्या पवार को सिर्फ थप्पड़ पड़ा या उनके साथ कुछ और भी हुआ.

हालांकि अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. मैं हमले की निंदा करता हूं. लेकिन अन्ना ने सत्ता के खिलाफ अपना आक्रोश जारी रखते हुये कहा कि हमलावर शायद बहुत नाराज रहा होगा. सरकार को सोचना होगा कि जनता का गुस्सा काबू में कैसे रखा जाए. लोग नाराज हैं. भ्रष्टाचार है. महंगाई है. जन लोकपाल का मुद्दा है. लोग कई बातों को लेकर नाराज हैं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

dr.majaz [majaz@gimail.com] aurangabad - 2011-11-26 03:40:43

 
  It is a warning for the government or the leaders to control the hike of praises of petrol sugar daily needs it effect the life of normal people, slap is a massage to the ruler govt. to understand the feeling of normal people other wise these type of cases is increasing day by day. u r respected for us but u have to respect us, we are nominate u to represented us.  
   
 

prem [] raipur (chhattisgarh) - 2011-11-25 14:26:33

 
  बहुत बुरा हुआ. मुझे अच्छा नहीं लगा.  
   
 

dr kariya [drravikariya@gmail.com] chandrpur - 2011-11-25 01:55:21

 
  The way he bitten Sharad Pawar was not good, pawar ji is good men. 
   
 

balbevsharma [] amritsar - 2011-11-24 17:20:59

 
  महंगाई और बढ़ेगी, ऐसा पहले बयान देकर अपने चहेतों को लाभ देने वालों के साथ ऐसा ही होना चाहिये. चलो, अच्छा ही हुआ कि किसी ने तो पहल की. 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in