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तीन साल बाद भी बुलेटप्रूफ जैकेटों की खरीदी नहीं

तीन साल बाद भी बुलेटप्रूफ जैकेटों की खरीदी नहीं

मुंबई. 26 नवंबर 2011

अजमल कसाब


मुंबई पर 26 नवंबर को हुए हमले के तीन साल पूरे हो गये लेकिन इस हमले के अभियुक्त अजमल कसाब को आज तक सजा नहीं मिल पाई है. अजमल कसाब को सजा दिये जाने का मामला कानूनी प्रक्रिया में उलझा हुआ है लेकिन जिन कारणों से कसाब जैसों के हमले में हेमंत करकरे जैसे पुलिस के जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, उस दिशा में भी सरकार चुप्पी साधी हुई है. हमले के तीन साल बाद भी महाराष्ट्र सरकार अब तक अपने जवानों के लिये बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं खरीद पाई है.

गौरतलब है कि मुंबई के हमले में मारे गये पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे की मौत के बारे में कहा गया था कि उनका बुलेटप्रूफ घटिया स्तर का था औऱ उसे छेदते हुये गोली ने उनकी जान ले ली थी. उसी समय इसकी बड़ी आलोचना हुई और महाराष्ट्र सरकार ने आनन-फानन में उच्च क्लालिटी के बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदने की बात कही थी. लेकिन आज तीन साल बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है. हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने 2000 बुलेटप्रूफ जैकेटों के लिये टेंडर भी मंगाया था, लेकिन उस दिशा में भी कुछ बात बनती नजर नहीं आ रही है.

कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने जिस तरह के मापदंड बुलेटप्रूफ जैकेटों की खरीदी के लिये तय कर रखे हैं, उस पर कोई भी कंपनी खरी नहीं उतर रही है और मामला तीन साल बाद भी जहां का तहां है.

इससे पहले पिछले साल केंद्र सरकार ने 59 हजार बुलेटप्रूफ जैकेटों की खरीदी को अनुमति दी थी. लेकिन बाद में कथित गड़बड़ी के मद्देनजर सरकार ने बुलेट प्रूफ जैकेटों की उस तकनीकी आकलन रिपोर्ट को निरस्त कर दिया, जो जैकेटों की खरीद के लिये आमंत्रित निविदा के तहत तैयार की गयी थी. सरकार ने डीआरडीओ के उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की थी, जो आकलन समिति का सदस्य था. लेकिन इसके बाद बात आगे नहीं बढ़ पाई.


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