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किशनजी के अंतिम संस्कार में सांसद-विधायक भी शामिल

किशनजी के अंतिम संस्कार में सांसद-विधायक भी शामिल

करीमनगर. 27 नवंबर 2011

किशनजी


माओवादी नेता मल्लोजुला कोटेश्वर राव ऊर्फ किशन के अंतिम संस्कार में कांग्रेस सांसद और तेदेपा विधायकों समेत कई राजनीतिक दलों के लोगों के शामिल होने पर सवाल खड़े होने लगे हैं. एक प्रतिबंधित संगठन के नेता के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले नेताओं के खिलाफ उनकी पार्टियों द्वारा क्या कार्रवाई होती है, इस पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं. रविवार को करीमनगर से लगभग 35 किलोमीटर दूर कोटेश्वर राव के गृहनगर पेदापल्ली में अंतिम संस्कार के समय उन्हें कई लोगों ने श्रद्धांजलि दी, जिसमें माओवादी समर्थकों के अलावा दूसरे राजनीतिक दल के लोग भी शामिल थे.

गौरतलब है कि बंगाल सरकार ने गुरुवार को अलग-अलग राज्यों में प्रह्लाद, मुरली, रामजी, जयंत, श्रीधर के नाम से मशहूर माओवादी नेता मल्लोजुला कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी को एक मुठभेड़ में मारने का दावा किया था. केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा था कि पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर जिलांतर्गत बुरीशोल के जंगलों में स्थित कुशबोनी गाँव में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में कोटेश्वर राव मारे गये हैं.

33 साल पहले जिस घर को मल्लोजुला कोटेश्वर राव ऊर्फ किशन छोड़कर गये थे, रविवार को वहां इस माओवादी नेता की लाश आई, जिसे देखने के लिये सारा कस्बा उमड़ पड़ा. कोटेश्वर राव की मां 82 साल की मधुरम्मा का कहना था कि 33 साल पहले उन्होंने अपने बेटे को देखा था, उसके बाद आज घर में उसकी लाश आई.

करीमनगर से लगभग 35 किलोमीटर दूर पेदापल्ली में रविवार को मेला-सा लगा था. कड़ी सुरक्षा के बीच कोटेश्वर राव के भाई अंजनेयूलू ने अंतिम संस्कार के क्रिया-कर्म किये.

इससे पहले प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी के इस नेता को अंतिम विदाई देने के लिये कांग्रेस सांसद जी. विवेक, विधानसभा में तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेता ई. राजेंदर, कोप्पुला ईश्वर, एमएलसी लक्ष्मण राव, तेलुगु कवि और माओवादी समर्थक वरवरा राव, लोकगायक गदर, कल्याण राव समेत कई स्थानीय लोग उपस्थित थे. इलाके में कांग्रेसी सांसद और टीआरएस विधायकों के शामिल होने को लेतक तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं. लोक गायक गदर ने टिप्पणी करते हुये कहा कि तेलंगाना अलग राज्य का समर्थक होने के कारण ही टीआरएस के नेता कोटेश्वर राव के पैर छूते थे.


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