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एफडीआई पर भड़के अन्ना हजारे

एफडीआई पर भड़के अन्ना हजारे

नई दिल्ली. 30 नवंबर 2011

अन्ना हजारे


सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने खुदरा एफडीआई के मुद्दे पर कहा है कि जनता अगर इसके खिलाफ है तो सरकार को इस बारे में विचार करना चाहिये. उन्होंने कहा कि खुदरा बाजार में विदेशी निवेश की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने एफडीआई के मुद्दे पर विरोध किया है. विदेशी कंपनियों के पैसे लगने पर कई राज्यों ने विरोध किया है. जनता भी विरोध कर रही है.

पत्रकारों से बातचीत में अन्ना हजारे ने कहा कि लोकशाही में जब लोग कह रहे हैं कि यह नहीं होना चाहिए तो फिर इसको लेकर जिद क्यों? हमें ये सोचना चाहिए की अंग्रेज एक तराजू लेकर देश में व्यापार करने आया था लेकिन हमें गुलाम बना लिया. हम पर राज किया. आज फिर हम उन्हें अपने देश में व्यापार करने बुला रहे हैं.

अन्ना हजारे ने विदेशी कंपनियों पर निशाना साधते हुये कहा कि वो पानी हमारा बर्बाद करेंगे, बिजली बर्बाद करेंगे और वातावरण को बर्बाद करेंगे और हम उन्हें बुला रहे हैं. सरकार को किसी पक्ष की भलाई नहीं बल्कि देश की भलाई सोचनी चाहिए. यदि आप किसानों की भलाई सोच रहे होते तो किसानों की आत्महत्या रुक गई होती.

गौरतलब है कि सरकार ने खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई की अनुमति दी है, जिसके बाद से ही संसद की कार्रवाई नहीं चल पा रही है. सरकार में शामिल तृणमूल और द्रमुक भी सरकार के खिलाफ हैं.
इससे पहले मंगलवार की सुबह प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा ही रही. संसद भवन के एनेक्सी में बुलाई गई इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी वामदलों, आल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेताओं ने हिस्सा लिया.

इस बैठक में विपक्षी दलों के साथ ही सरकार में शामिल दल भी खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति वापस लेने की मांग पर अड़े रहे. परिणामस्वरूप बैठक बेनतीजा समाप्त हो गई. विपक्ष ने साफ कर दिया कि सरकार को फैसला वापस लेना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो संसद नहीं चलने देंगे. विपक्षी दलों ने कहा है कि इस मुद्दे पर वह प्रधानमंत्री से बात करेंगे. सरकार की सहयोगी पार्टी तृणमूल ने भी अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा कि सरकार को फैसला वापस लेना ही होगा.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Raghvendra [raghvankumar92@yahoo.co.in] Mumbai - 2011-12-01 05:10:30

 
  जनता का कुछ भी हो सरकार का भला होना चाहिए.... इसी की तो वो आदी है. 
   
 

virendra Pratap Singh [vpsingh.singh77@gmail.com] Delhi - 2011-12-01 04:17:37

 
  Anna is saying right. If FDI will come then poverty will grow. I Support Anna . 
   
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