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नेपाली माओवादियों ने की किशनजी के मुठभेड़ की आलोचना

नेपाली माओवादियों ने की किशनजी के मुठभेड़ की आलोचना

काठमांडू. 1 दिसंबर 2011

किशनजी


नेपाल के सत्तारुढ़ माओवादियों ने भाकपा माओवादी की सेंट्रल कमेटी के नेता मल्लोजुला कोटेश्वर राव ऊर्फ किशनजी के मारे जाने की कड़ी आलोचना की है. सत्तारुढ़ एकीकृत नेकपा माओवादी के उपाध्यक्ष मोहन किरण वैद्य ने आरोप लगाया है कि कोटेश्वर राव को भारतीय पुलिस ने हिरासत में लिया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी.

ज्ञात रहे कि 24 नवंबर को पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर जिलांतर्गत बुरीशोल के जंगलों में स्थित कुशबोनी गाँव में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में कोटेश्वर राव के मारे जाने का दावा पुलिस ने किया था. जिसे लेकर माओवादियों और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया था कि कोटेश्वर राव को पुलिस हिरासत में मारा गया. हालांकि भारत के गृहमंत्री पी चिदंबरम ने साफ किया है कि कोटेश्वर राव को मुठभेड़ में मारा गया है.

नेपाल की सत्तारुढ़ पार्टी के उपाध्यक्ष मोहन वैद्य और महासचिव रामबहादुर थापा बादल ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि भारतीय माओवादी नेता किशनजी को सुरक्षाबलों द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उनकी हत्या कर दी गई है. यह एक कायरतापूर्ण कदम है. इन नेताओं ने कहा है कि कोटेश्वर राव यानी किशनजी के निधन से भारत में कम्यूनिष्ट आन्दोलन को एक बड़ी क्षति पहुंची है.

नेपाली माओवादी नेताओं ने आरोप लगाया है कि आत्मसमर्पण करने से इंकार करने के बाद फर्जी मुठभेड़ के नाम पर जिस तरह से किशनजी की हत्या की गई, यह भर्त्सना योग्य है. एकीकृत नेकपा माओवादी ने भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार से मांग की है कि इस पूरी घटना की स्वतंत्र रूप से जांच की जाए और दोषियों को सजा दी जाए. नेपाली माओवादी नेताओं ने भारतीय माओवादियों द्वारा चलाए जा रहे आन्दोलन के प्रति एकजुटता भी दर्शायी है.


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