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दिल्ली | संजीव नंदा को पांच साल की कैद

संजीव नंदा को पांच साल की कैद

नई दिल्ली. 6 सितंबर 2008



बहुचर्चित बीएमडब्ल्यू कार हादसे में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मुख्य आरोपी संजीव नंदा को गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार देने के बाद आज उसे पांच साल कैद की सजा सुनाई है. इस मामले के सहआरोपी राजीव गुप्ता को एक साल कैद की सजा सुनाई गई है.


इसके अलावा सबूतों को मिटाने की कोशिश के आरोप में संजीव के नौकरों श्याम सिंह और भोलानाथ को छह-छथह महीने की कैद काटनी पड़ेगी.

 

मंगलवार को पटियाला हाउस अदालत ने बीएमडब्ल्यू कार हादसे के मामले में उद्योगपति और पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल एसएम नंदा के पोते संजीव नंदा को ग़ैर इरादतन हत्या का दोषी क़रार दिया था. संजीव नंदा को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (2) के तहत दोषी पाया गया था.

संजीव नंदा के तीन और साथियों को भी सबूत मिटाने के लिए दोषी पाया गया है.

 

बीएमडब्ल्यू कांड के अभियुक्त संजीव नंदा पर आरोप था कि 10 जनवरी, 1999 की रात संजीव नंदा अपने दो मित्रों के साथ बीएमडब्ल्यू कार से एक पार्टी से आ रहा था. आरोप के अनुसार संजीव नशे में था और लोधी रोड पुलिस पिकेट के पास उसकी कार ने सात लोगों को टक्कर मार दी जिससे तीन पुलिसकर्मी सहित छह लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में संजीव नंदा, मानिक कपूर, राजीव गुप्ता, भोलानाथ व श्याम सिंह आरोपी हैं.

 

इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता आर के आनंद संजीव नंदा के वकील थे और दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें बीएमडब्ल्यू कांड के मुख्य गवाह सुनील कुलकर्णी को प्रभावित करने का दोषी मानते हुए उनके चार माह तक वकालत पर रोक लगा दी है.

ज्ञात रहे कि बीएमडब्ल्यू कांड के सभी आरोपी हाई प्रोफाइल लोग हैं. इसी साल केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने 1000 करोड रूपये के विवादास्पद बराक मिसाइल सौदे में लाभ लेने के इरादे से साजिश रचने वाले रक्षा सौदा बिचौलिये सुरेश नंदा उसके बेटे संजीव नंदा, चाटर्ड एकाउंटेंट बिपिन शाह और आयकर उप निदेशक (अन्वेषण) आशुतोष वर्मा को गिरफ्तार किया था.