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डर्टी पिक्चर की डर्टी चर्चा

डर्टी पिक्चर की डर्टी चर्चा

मुंबई. 3 दिसंबर 2011

डर्टी पिक्चर


फिल्म का नाम ही अगर डर्टी पिक्चर हो तो जाहिर तौर पर एक बड़ा वर्ग यह देखने के लिये सिनेमाघर में घुस जाता है कि फिल्म में क्या-क्या दिखाया गया है. एकता कपूर ने इसी मानसिकता को भुनाते हुये अपनी फिल्म डर्टी पिक्चर से पहले ही दिन लगभग 8 करोड़ रुपये झटक लिये.

एकता कपूर की इस फिल्म में विद्या बालन ने साउथ की सिल्क स्मिता का रोल किया है, यह बात महीनों पहले चर्चा में आ गई थी. इसके बाद एकता कपूर ने विद्या बालन और इमरान हाशमी के गरमा-गरम दृश्यों वाली तस्वीरें और क्लिप बाजार में उतार कर दर्शकों में उत्सुकता पैदा कर दी. फिर आई नसरुद्दीन शाह की तस्वीरें. जब प्रोमो जारी हुये तो दर्शकों में फिर उत्सुकता थी.

शुक्रवार को जब फिल्म पर्दे पर आई तो सारे राज फाश हो गये. एकता कपूर ने पहले ही दिन अपनी इस गंदी फिल्म से कोई 8 करोड़ रुपये वसूल लिये. हालांकि फिल्म में केवल सेक्स दृश्यों की ही बात दर्शकों में चर्चा का विषय बनी रही और निर्देशक मिलन लुथरिया और लेखक रजत अरोड़ा के सारे दूसरे प्रयोग हाशिये पर रख दिये गये. हालांकि यह मानने में अभी कोई हर्ज नहीं है कि हफ्ते-दो हफ्ते के बाद जब फिल्म को लेकर मचा कौतुहल थम जाएगा तब शायद फिल्म के दूसरे पहलू पर भी चर्चा हो. लेकिन फिलहाल तो फिल्म के कथित डर्टी मुद्दों पर ही बहस चालू है.

फिल्म की कुल जमा कहानी पुरुष मानसिकता की पेंच पर आधारित है और सिल्क स्मिता की स्थिति को जस्टीफाई करने की कोशिश करती हुई नजर आती है. यह किस हद तक सही या गलत है, इस पर पिछले कई दशकों से बहस की स्थिति बनी हुई है. लेकिन फिल्म में फिलहाल तो डर्टीपन की ही बात देखने में दर्शक जुटा हुआ है.

वैसे भी फिल्म के परदे पर आने से एक दिन पहले ही लुथरिया ने माना था कि इस फिल्म में सेक्स का इस्तेमाल उन्होंने केवल एक मार्केटिंग टूल के तौर पर किया है. ऐसे में बाजार भी केवल उनकी फिल्म में सेक्स की ही बात कर रहा है तो यह लुथरिया की उपलब्धि भी है और सीमा भी.


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