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मदेरणा का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट

मदेरणा का होगा लाई डिटेक्टर टेस्ट

नई दिल्ली. 5 दिसंबर 2011

भंवरी देवी


लोकगायिका और नर्स भंवरी देवी हत्याकांड में गिरफ्तार राजस्थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा का जल्दी ही लाई डिटेक्टर से टेस्ट किया जाएगा. हालांकि इसके लिये सीबीआई को पहले अदालत से अनुमति लेनी होगी. इसके अलावा मदेरणा से सीबीआई के विशेषज्ञों की टीम भी सोमवार को पूछताछ करेगी.

गौरतलब है कि भंवरी देवी कांड में गिरफ्तार महिपाल मदेरणा और लूनी के विधायक मलखान सिंह के भाई परसराम को अदालत ने 9 दिसंबर तक रिमांड पर सीबीआई के हवाले किया है. लेकिन सीबीआई की पूछताछ के दौरान लगातार उनके वकीलों और परिजनों की मुलाकात से काम प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सीबीआई के अफसरों को धमकियां भी मिल रही थीं. माना जा रहा है कि किसी भी विवाद की स्थिति से बचने के लिये रविवार को सीबीआई मदेरणा को दिल्ली ले कर आ गई.

गौरतलब है कि भंवरी देवी के मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा और लूणी विधायक मलखानसिंह विश्नोई के भाई परसराम को गिरफ्तार किया था. इससे पहले सीबीआई ने अदालत में सोहनलाल, शहाबुद्दीन और बलदेव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया. इसके अलावा फरार आरोपी सहीराम और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा को आरोपी नंबर 4 और 5 बताते हुये उनके खिलाफ जांच लंबित रखने की जानकारी दी है. आरोप-पत्र में कहा गया है कि महिपाल मदेरणा और भंवरी देवी की आपत्तिजनक सीडी की चर्चा जुलाई 2011 में सामने आने के बाद ही भंवरी देवी की हत्या की साजिश रची गई और इन आरोपियों द्वारा भंवरी देवी का गला घोट कर उसकी हत्या कर दी गई.

सीबीआई के विशिष्ट लोक अभियोजक एसएस यादव ने कहा कि तीन आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीट पेश किया गया है. पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा व सहीराम के खिलाफ जांच पेंडिंग रखी गई है. अमरचंद के इस्तगासे में इन दोनों का नाम था, इसलिए एफआईआर में उनके नाम भी शामिल किए गए थे.

ज्ञात रहे कि भंवरी देवी एक सितंबर से ही लापता थी. भंवरी देवी ने अपनी कार जल संसाधन विभाग के एक ठेकेदार सोहनलाल विश्नोई को बेची थी. एक सितंबर को वह विश्नोई से कार की रकम लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद वह नहीं लौटी. माना जा रहा है कि राज्य सरकार के कुछ विधायक और मंत्री के साथ भंवरी देवी के कुछ आपत्तिजनक सीडी हैं और इसी कारण से उनका अपहरण किया गया. कहा जाता है कि भंवरी देवी कथित अश्लील सीडी के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रही थी. ऐसे कई टेप सामने आए हैं, जिससे ब्लैकमेलिंग की बात साबित होती है.

भंवरी देवी के पति अमरचंद का आरोप था कि उसे सरकार के एक कैबिनेट मंत्री ने गायब कराया था. उसका कहना था कि उसकी 37 वर्षीय पत्नी जालीवाड़ा पीपाड़ में एएनएम के पद पर कार्यरत थी. उसने अपने इच्छित स्थान पर तबादला करवाने के लिए राज्य सरकार के मंत्री महिपाल मदेरणा से संपर्क किया. इस पर मदेरणा ने उसका स्थानांतरण तो करवा दिया, लेकिन इसके बाद फोन कर भंवरी को किसी न किसी बहाने बुलाने लगे.

इस मामले में जोधपुर जिले की एक अदालत ने भंवरी देवी के पति के इस्तगासे के आधार पर जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए थे. बाद में उच्च न्यायालय ने भी सरकार को फटकार लगाई.इसके बाद जब विरोध बढ़ा तो मदेरणा को सरकार ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था.