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एफडीआई ठंढ़े बस्ते में

एफडीआई ठंढ़े बस्ते में

नई दिल्ली. 5 दिसंबर 2011

प्रणव मुखर्जी


केंद्र सरकार ने रिटेल में एफडीआई पर अपने निर्णय से यू टर्न लेते हुये फिलहाल इसे स्थगित रखने की बात कही है. केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इस मुद्दे पर विपक्ष के नेताओं से बात की है.माना जा रहा है कि देश भर में एफडीआई के मुद्दे पर व्यापक विरोध और संसद के हंगामें की वजह से सरकार को बैकफुट पर जाना पड़ा है. हालांकि राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा है कि सरकार फिलहाल इस मुद्दे के कारण उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कोई नुकसान नहीं उठाना चाहती.

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भाजपा की नेता और नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से पहले बात की और इसके बाद सीपीएम के नेता सीताराम येचुरी को से इस बारे में चर्चा की. बताया जाता है कि प्रणव मुखर्जी ने इन नेताओं को यह जानकारी दी कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को इजाजत देने का फैसला सरकार ने स्थगित कर दिया है.

कहा जा रहा है कि प्रणव मुखर्जी ने इस मुद्दे पर भाजपा नेता लालकृष्ण अडवाणी से भी बात की थी और उन्हें आश्वस्त किया था कि सरकार खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के फैसले को फिलहाल स्थगित कर रही है. प्रणव मुखर्जी का कहना था कि सरकार इस मुद्दे पर व्यापक सहमति के बाद ही कोई निर्णय लेगी. उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी से भी बात की. उम्मीद की जा रही है कि सरकार के इस निर्णय के बाद संसद में बुधवार को सामान्य रुप से कामकाज संभव हो सकेगा.

गौरतलब है कि सरकार ने खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई की अनुमति दी है, जिसके बाद से ही संसद की कार्रवाई नहीं चल पा रही है. सरकार में शामिल तृणमूल और द्रमुक भी सरकार के खिलाफ हैं.


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