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छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह का नाम खनिज घोटाले में

छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह का नाम खनिज घोटाले में

भोपाल. 7 दिसंबर 2011

रमन सिंह


कर्नाटक और उत्तराखंड के बाद अब भाजपा के एक और मुख्यमंत्री रमन सिंह पर खनिज घोटाले की छाया मंडराने लगी है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ खनिज घोटाले का एक बड़ा मामला सामने आया है. रमन सिंह पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुये गलत तरीके से अपने ससुराल पक्ष के रिश्तेदारों को मध्यप्रदेश में खनिज पट्टे दिलाये हैं. रमन सिंह पर इन आरोपों के बाद राज्य में कांग्रेस ने कहा है कि रमन सिंह के इस घोटाले की सीबीआई जांच की जाये तो यहां बेल्लारी से बड़ा खनिज घोटाला सामने आ सकता है.

एक टीवी चैनल ईटीवी और दैनिक अखबार पत्रिका के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ खनिज घोटाले का यह मामला सबसे पहले मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस विधायक और नेता प्रतिपक्ष अजय राहुल सिंह उठाया. अजय राहुल सिंह का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अपने रिश्तेदारों को सीधी जिले की गोपाल बनास तहसील के अंधरी गड़ई इलाके में 920 हैक्टेयर जमीन पर सात खदानों का पट्टा दिलाया है.

ईटीवी और पत्रिका के अनुसार अजय राहुल सिंह का आरोप है कि 9 दिसम्बर 2010 को जारी आदेश में मैसर्स नाड प्रा.लि. को सीधी के 2458 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर आयरन ओर, मैग्नीज ओर, टाइटेनियम, वेनेडियम एवं निकिल खनिजों की खोज के लिए 4 फरवरी 2009 से 3 फरवरी 2012 तक की अवधि के लिए रिकोनेसेंस परमिट स्वीकृत किया है. यह फर्म विकास सिंह चौहान के नाम से है, जो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के रिश्तेदार है.

रमन सिंह के खिलाफ लगे इन आरोपों के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा है कि यह बेल्लारी से बड़ा घोटाला है. इस घोटाले में राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह का नाम सामने आया है, ऐसे में भाजपा नेतृत्व ने जिस तरह कर्नाटक और उत्तराखंड में हिम्मत दिखाई है, छत्तीसगढ़ में भी वही हिम्मत दिखानी चाहिए.

गौरतलब है कि इससे पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंप कर आरोप लगाया था कि राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह अपात्र उद्योगपतियों को अवैध रूप से माइनिंग लीज आबंटित कर रहे हैं. नेताओं का आरोप था कि मेसर्स पुष्प स्टील एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड को माइनिंग लीज एवं प्रास्पेक्टिंग लायसेंस देते हुए राज्य की खनिज सम्पदा का दोहन किया गया. इसी तरह मेसर्स नवभारत फ्यूल्स प्रा.लि. नामक कंपनी को उसके स्वयं के उपयोग के लिए कोल ब्लॉक्स के आबंटन की अनुशंसा केन्द्र सरकार को भेजी. छत्तीसगढ़ सरकार की अनुशंसा पर केन्द्र सरकार ने उक्त कंपनी को कोल ब्लॉक आबंटन किया, जिसे बाद में कंपनी के संचालक जो प्रदेश भाजपा के नेता हैं, उक्त कंपनी को अन्य कंपनी को बेच दिया, जिसमें लगभग 100 करोड़ का लेन-देन हुआ. इसी तरह प्रदेश में निको जायसवाल लिमिटेड जैसे कई उद्योगों को उनकी पात्रता से कई गुना अधिक लौह अयस्क खदानों का आबंटन किया गया है.

रमन सिंह पर आरोप लगाया गया था कि मे. भारत एल्युमीनियम कंपनी लि. कोरबा को सरगुजा एवं कबीरधाम जिलों में बाक्साइट की कैप्टिव खदानें आबंटित की गई. भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा उक्त खदानों से सीमित मात्रा में उत्खनन की शर्तों के साथ पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान की गई थी. परंतु कंपनी प्रबंधन द्वारा करीब 20 अरब रुपयों का अवैध उत्खनन किया गया है. इसी तरह देवभोग क्षेत्र में भाजपा के पदाधिकारियों के संरक्षण में हीरे का अवैध उत्खनन जारी है.

इसी तरह प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 29 मई 2008 को 10 हजार करोड़ के एन्यूटी रोड घोटाले में मुख्यमंत्री सहित कई अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक आयोग ने प्रकरण भी दर्ज किया था.

इसके अलावा कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सरप्लस विद्युत उत्पादन वाले राज्य में भाजपा सरकार ने विद्युत खरीदी-बिक्री को व्यापार बनाकर 10 हजार करोड़ के घोटाले को अंजाम दिया. समझौता वार्ता के नाम पर निजी कंपनी आईएल एण्ड एफएस को लगभग 825 करोड़ रुपए अतिरिक्त भुगतान की साजिश रची गई थी. लोक आयोग ने इस मामले में शिकायतों की जांच नहीं करवाई, बाद में अनुबंध की अवधि समाप्त होने पर शिकायत की जांच बंद कर दी गई.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

akash sharma [as50364@gmail.com] Raipur - 2011-12-08 00:04:46

 
  अगर ऐसे ही हर आदमी अपने पद का गलत फायदा उठाता रहा तो फिर गरीबों का क्या होगा ?... किसी ने सही कहा है कि जिसकी लाठी होगी,उसकी ही भैंस होगी. 
   
 

noushad [syed.noushadali8@gmail.com] jashpur - 2011-12-07 14:55:54

 
  किसी शाइर ने कहा है- रास्ता देख के चलना, वरना गूंगे पत्थर भी सवालात करेंगे तुझ से... 
   
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