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2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में चिदंबरम के खिलाफ याचिका मंजूर

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में चिदंबरम के खिलाफ याचिका मंजूर

नई दिल्ली. 8 दिसंबर 2011

चिदंबरम


2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में तत्कालीन वित्तमंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ गई हैं. टेलीकॉम घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत के जज ओ.पी. सैनी ने गुरुवार को पी चिदंबरम को सह आरोपी बनाये जाने की याचिका को स्वीकार कर लिया है और इस मामले में गवाहों से पूछताछ करने के निर्देश दिये हैं. मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी.

जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि पी चिदंबरम के खिलाफ सारे सबूत हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे पत्र में भी सहमति जताई थी. जाहिर है, पी चिदंबरम पर आरोप का अर्थ ये भी था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जानकारी में भी सारा घोटाला था. ऐसे में सुब्रमण्यम स्वामी के आरोप पूरी यूपीए सरकार को भी घेरे में खड़ी करने वाली थी.

गौरतलब है कि सुब्रमण्यम स्वामी ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम को भी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सह आरोपी बनाने के लिये अर्जी लगाई थी. स्वामी का कहना था कि राजा ने जो कुछ किया, उसमें पी चिदंबरम की पूरी सहमति थी.

जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने हलफनामा दिया था कि 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में ए राजा ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम की सहमति से ही सभी घोटालों को अंजाम दिया. स्वामी के अनुसार इसके लिये ए राजा और पी चिदंबरम के बीच कई दौर की बैठकें भी हुईं और इन्हीं बैठकों में स्पेक्ट्रम की कीमतें भी तय की गईं.

सुब्रमण्यम स्वामी ने इस पूरे मामले में राजा और चिदंबरम के बीच की बातचीत का ब्यौरा सौंपते हुये आरोप लगाया था कि पी चिदंबरम ने ही बतौर वित्तमंत्री 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिये पहले आओ, पहले पाओ की नीति को मंजूरी दी थी. यहां तक कि ए राजा ने जब 2001 की निर्धारित दर पर 2जी स्पेक्ट्रम को मंजूरी देने की बात की तो वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने विरोध किया और फिर जब राजा ने 2007 की दर पेश की तो उसे चिदंबरम ने तत्काल अपनी सहमति दे दी.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

KANWR PAL SINGH ADVOCATE [ahlwatkpsingh0000@gmail.com] MEERUT sadarpur village - 2011-12-08 15:23:09

 
  2-G spectum embezzlement is created by collusion of A Raja, P Chidamberam and PMO, no suspect. 
   
 

kuldeep sehdev [] ludhiana - 2011-12-08 07:03:20

 
  एक और तारीख ? यह सिर्फ हमारी न्याय प्रणाली की धीमी गति का नहीं बल्कि इसके पंगु होने का ही आभास दिलाती है. जिस प्रकार के ठोस सबूत चिदम्बरम के खिलाफ मौजूद हैं , उनके आधार पर तो न सिर्फ इस बेशर्म बेईमान गद्दार को सलाखों के पीछे होना चाहिए था बल्कि अब तक सुप्रीमकोर्ट द्वारा भी इसकी सज़ा की पुष्टि हो जानी चाहिए थी. 
   
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