पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >मुद्दा >पश्चिम Print | Share This  

अस्पताल की लापरवाही ने ली 89 की जान

अस्पताल की लापरवाही ने ली 89 की जान

कोलकाता. 10 दिसंबर 2011

89 लोगों की मौत


कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में आग लगने के 7 घंटे बाद तक जहां अस्पताल प्रबंधन ने 16 लोगों की मौत का दावा किया था, वहां आग बुझने के बाद इस अस्पताल में जिंदगी पाने के लिये भर्ती लोगों की लाशें एक-एक कर बाहर आने लगीं और 89 लाशों के बाद यह सिलसिला थमा. लेकिन लाशों के साथ परिजनों के आंसुओं का जो सिलसिला शुक्रवार को शुरु हुआ, वह जाने कब तक उन्हें रुलाता रहेगा.

करोड़ों रुपये कमाने वाले इस अस्पताल समूह ने जानबूझ कर सुरक्षा उपायों की अनदेखी की और इसका खामियाजा 89 लोगों को अपनी जान दे कर चुकाना पड़ा. सरकार ने माना कि अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही बरती है. मौके पर उपस्थित तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि जब राहत का काम चल रहा था, उस समय अस्पताल प्रबंधन मौके से भाग निकला, यह हैरान करने वाली बात है.

फिलहाल लोगों के आक्रोश को देखते हुये पुलिस ने अस्पताल के दो मालिकों आरएस गोयनका और निदेशक एसके तोडी समेत प्रबंधन से जुड़े 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा प्रशासन ने अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है.

पश्चिम बंगाल में अग्निशमन मंत्री जावेद अहमद खान के अनुसार कार पार्किंग को अस्पताल प्रबंधन कैंसर रोग कक्ष और स्टोर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था. पूरी तरह से एयरकंडिशंड अस्पताल में नीचे से धुआं एयर कंडिशंड पाइपों के सहारे पहले तल्ले की ओर बढ़ा तो अस्पताल प्रबंधन ने फायर ब्रिगेड को फोन नहीं किया और देखते ही देखते आग ने दूसरे तल्लों को अपनी चपेट में ले लिया.

अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी खासा नाराज थीं. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन को सितंबर में दमकल विभाग के अधिकारियों ने चेताया था कि उनकी ईमारत में अग्निशमन के पर्याप्त उपाय नही है और ना ही ये नियामकों के अनुसार है. इस पर अस्पताल प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि इसे जल्दी से जल्दी सुधारा जाएगा. लेकिन ऐसा नही किया गया.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in