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मंत्री पर हमले से उड़ी सरकार की नींद

मंत्री पर हमले से उड़ी सरकार की नींद

कश्मीर. 12 दिसंबर 2011

अली मोहम्मद सागर


जम्मू-कश्मीर के कानून और ग्रामीण मामलों के मंत्री अली मोहम्मद सागर पर रविवार की रात हुये हमले ने नेताओं को मंत्रियों की नींद उड़ा दी है. आंतकवादियों द्वारा एक बार फिर राज्य के मंत्रियों को निशाना बनाना शुरु करने को लेकर कई अनुमान राजनीतिक गलियारों में तैर रहे हैं और सरकार इस गंभीर घटना से बेहद चिंतित है. हालांकि इस घटना को अंजाम देने वाले अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं.

गौरतलब है कि रविवार की शाम जम्मू-कश्मीर के कानून और ग्रामीण मामलों के मंत्री अली मोहम्मद सागर पर आतंकवादियों ने उस समय हमला किया, जब सागर कश्मीर के नवाब बाजार क्षेत्र में थे. वे वहां अपने पारिवारिक कार्यक्रम में अपने पैतृक घर नवाकदल में गये हुये थे.

नेशनल कांफ्रेस के नेता अली मोहम्मद सागर को निशाना बना कर कम से कम 15 फायर किये गये लेकिन सागर इस हमले में बाल-बाल बच गये. इस हमले में सागर का एक सुरक्षाकर्मी गुलजार अहमद मारा गया, जबकि दो लोग गंभीर रुप से घायल हो गये. गोलियों के बीच सागर ने जमीन पर लेट कर सरकते हुये ओट ली और किसी तरह बच पाये. हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यह फायरिंग केवल सागर को डराने के उद्देश्य से की गई. लेकिन राज्य के गृह मंत्री नासिर असलम का कहना है कि हमला अली मोहम्मद सागर को ही लक्ष्य बना कर किया गया था.

इससे पहले 2005 में शिक्षा मंत्री गुलाम मोहम्मद लोन को आतंकवादियों ने मार डाला था. खानयार क्षेत्र के विधायक अली मोहम्मद सागर पिछले कई सालों से उग्रपंथियों के निशाने पर हैं. राज्य के मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने इस घटना पर दुख जताते हुये कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और हम इस तरह के हमलों से डरने वाले नहीं हैं.


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