पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >अमरीका Print | Share This  

अमरीका में हर पांचवी औरत के साथ बलात्कार

अमरीका में हर पांचवी औरत के साथ बलात्कार

वाशिंगटन. 15 दिसंबर 2011

बलात्कार


अमरीका में एक सर्वेक्षण में चौंकाने वाले परिणाम आये हैं, जिसमें बताया गया है कि अमरीका में रहने वाली हर पांचवीं स्त्री बलात्कार की शिकार रही है. हालांकि अमरीका में बलात्कार की जो परिभाषा है, वह काफी व्यापक है और तीसरी दुनिया के कई देशों में अब भी यह परिभाषा मान्य नहीं है.

अमरीकी सरकारी संस्थान सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन द्वारा कराये गये सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है कि हर पांचवीं अमरीकन महिला अपने जीवन काल में किसी न किसी समय बलात्कार की शिकार हुई हैं. बलात्कार के अधिकांश मामले पूर्व या वर्तमान पतियों या प्रेमियों से ही जुड़े हुये हैं.

यौन अपराध और रोगों को रोकने के लिय अमरीका में कई प्रयोग लगातार किये जा रहे हैं. इसी साल फिलाडेल्फिया में सरकार ने 11 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को ईमेल करके मुफ्त कंडोम उपलब्ध कराने की सुविधा घोषित कर रखी है. यहां यौन अपराधों की संख्या पूरे अमरीके में सबसे अधिक है. इसी साल फ़िलाडेल्फ़िया में ही 21 पादरियों को यौन अपराधों के कारण निकाला गया था. इसी साल अमरीका के जेशूइट समाज के स्कूलों में 1940 से 1990 के बीच पढ़ने वाले छात्रों के साथ यौन दुराचार के मामले में सैंकड़ो लोगों को लगभग 16 करोड़ 60 लाख डॉलर का मुआवजा भी इसी साल दिया गया है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

rajendrakalamkar [] surat - 2011-12-15 12:26:10

 
  पश्चिमी देशों में स्वच्छंदता बढ़ रही है. स्वतंत्रता में जिम्मेवारी भी होती है, स्वच्छंदता में स्वेच्छाचार होता है. 11 साल की बालिका जहां कुंवारी माता बनती है, उस देश का भविष्य क्या हो सकता है? अत्यंत दुखद और पीड़ादायक समाचार है यह. 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in