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जहरीली शराब पीकर मरने वालों का आंकड़ा सौ पार

जहरीली शराब पीकर मरने वालों का आंकड़ा सौ पार

कोलकाता. 15 दिसंबर 2011

जहरीली शराब


पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या सौ से उपर हो गई है. जिला प्रशासन के अनुसार पिछले 24 घंटों में 107 ऐसे लोगों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया है, जिनकी मौत जहरीली शराब पीने से हुई थी. इधर राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है.

गौरतलब है कि 24 परगना जिले के मागराहा-1 ब्लॉक के संग्रामपुर रेलवे स्टेशन के पास एक शराब दुकान में मंगलवार को लोगों ने शराब का सेवन किया था और देर रात के बाद लोगों की हालत बिगड़ने लगी. इसके बाद बुधवार की दोपहर तक शराब पीने वाले लोगों की मौत का सिलसिला शुरु हुआ.

इस पूरे मामले में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने ही संग्रामपुर रेलवे स्टेशन की शराब दुकान में जहरीली शराब की सप्लाई की थी. पुलिस को शक है कि शराब में भारी मात्रा में युरिया या मिथाइल अलकोहल जैसी किसी रसायन का इस्तेमाल किया गया था.

जिला प्रशासन के अनुसार नूर इस्लाम फकीर ऊर्फ खोरा बादशाह नामक शख्श इस जहरीली शराब कांड का मुख्य अभियुक्त है, जिसने संग्रामपुर रेलवे स्टेशन की शराब दुकान में जहरीली शराब उपलब्ध कराई थी.

इधर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिये कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके लिये सामाजिक अभियान चलाने पर भी उन्होंने जोर दिया है.

उन्होंने वाम दलों को निशाना बनाते हुये कहा कि बंगाल की वामपंथी सरकार ने लगातार इस बुराई को बढ़ावा दिया और शराब का व्यवसाय कम करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब भी उनकी पार्टी ने शराबबंदी को लेकर कोई कदम उठाया तो वाम दलों के उकसावे में लोगों ने उसका विरोध किया.

ममता बनर्जी ने कहा कि मैं किसी भी तरह से लोगों के शराब पीने के पक्ष में नहीं हूं लेकिन मैं इस बात में भी यकीन नहीं करती कि लोगों को इस बात के लिये निर्देशित किया जाये कि वे फलों का रस पीयें या शराब.


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