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नामवर सिंह का दृष्टिकोण गड़बड़-खगेंद्र ठाकुर

नामवर सिंह का दृष्टिकोण गड़बड़-खगेंद्र ठाकुर

पटना. 15 दिसंबर 2011. अरविंद श्रीवास्तव

 

प्रगतिशील लेखक संघ की 75वीं वर्षगांठ पर हिंदी के शीर्षस्थ आलोचक नामवर सिंह द्वारा आरक्षण समेत विविध मुद्दे पर दिये गये भाषण को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं. बिहार में प्रगतिशील लेखक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक में आलोचक खगेंद्र ठाकुर ने नामवर सिंह की आलोचना करते हुये कहा कि डा. नामवर सिंह का भाषण प्रलेस के भविष्य के दृष्टिकोण से सही नहीं था.

पूर्णियां में जनवरी में प्रस्तावित प्रलेस के राज्य सम्मेलन के लिये आयोजित बैठक में खगेंद्र ठाकुर ने कहा कि मुझे थोड़ा अजीब लगा जब नामवर जी ने कहा कि प्रलेस की सौवीं सालगिरह पर चर्चा होनी चाहिए. नामवर जी ने वहाँ पर आरक्षण के विरोध में भी कहा. उनके कहे पर थोड़ा विवाद भी हुआ. जबकि इस अवसर पर मेरा विचार था कि आज जब हमारे शत्रु हम पर टूट पड़े हैं, तो ऐसे वक्त में ऐसे विचारों की जरूरत नहीं है. सौवी सालगिरह तक हम रहें न रहें लेकिन इतना विश्वास है कि प्रलेस की सौवीं सालगिरह भी मनाई जायेगी.

खगेंद्र ठाकुर ने कहा कि बड़ी जाति बच्चे अगर भीख मांगेंगे तो आरक्षण के कारण नहीं बल्कि पूँजीवाद के कारण. अभी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि हम प्रलेस विरोधी तथा वाम विरोधी ताकतों से सचेत रहें. प्रगतिशील लेखक संघ का इतिहास जब भी लिखा जायेगा तो हमारा लेखन हिन्दी या उर्दू का या किसी अन्य भाषा का, इसी के आधार पर लिखा जायेगा हिन्दी साहित्य का आधुनिक इतिहास प्रलेस का इतिहास है.

इस बैठक में बहुचर्चित कवि अरुण कमल ने कहा कि प्रगतिशील लेखक संघ पूरी दुनिया की गुलामी के खिलाफ आवाज उठाने के लिये बना था. हमारा बुनियादी लक्ष्य आज भी वही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कम्युनिस्टों ने गलती की लेकिन यह काम लेखकों ने नहीं किया. पार्टी ने जातिवादियों से सांठगांठ की, लेखकों ने नहीं.

अरुण कमल ने कहा कि जब कभी बुनियादी बातों पर हमले हुए, हमने आंदोलन किये. प्रलेस किसी पार्टी का नहीं है. हम नस्लवाद, नग्नवाद, पूँजीवाद के विरोध में हैं, रहेंगे.

बैठक में साहित्यकार कर्मेदु शिशिर, कथाकार डा. संतोष दीक्षित, कवि शहंशाह आलम, महासचिव राजेन्द्र राजन प्रो. रवीन्द्रनाथ राय, अरुण शीतांश, डा. पूनम सिंह, रमेश ऋतंभर, नूतन आनन्द, देव आनन्द, राजकिशोर राजन, प्रमोद कुमार सिंह, सुमन्त ने भी विचार रखे. डा. ब्रजकुमार पाण्डेय ने अध्यक्षता की.


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