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एस्सार-नक्सली सांठगांठ पर छत्तीसगढ़ में हंगामा

एस्सार-नक्सली सांठगांठ पर छत्तीसगढ़ में हंगामा

रायपुर. 16 दिसंबर 2011. छत्तीसगढ़

एस्सार


छत्तीसगढ़ में एस्सार कपंनी द्वारा नक्सलियों को धन राशि उपलब्ध कराए जाने के मामले में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर कंपनी को बचाने का आरोप लगाया. शुक्रवार को विधानसभा में इस मुद्दे पर जमकर बहस हुई और सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वाकआउट कर दिया.

शुक्रवार को कांग्रेस सदस्यों ने सवाल उठाया कि एस्सार कंपनी के किस अधिकारी ने नक्सलियों को पैसा दिया था और पुलिस की जांच में क्या चूक रह गई थी, जिसकी वजह से इसकी जांच एसआईटी से कराई जा रही है. कांग्रेस सदस्य मोहम्मद अकबर ने प्रश्नकाल में यह सवाल उठाया. उन्होंने गृहमंत्री से पूछा कि बस्तर में एस्सार द्वारा नक्सलियों को धन राशि दिए जाने के मामले में किन-किन व्यक्तियों के विरूद्ध कब और कौन-कौन सी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं. उन्होंने प्रकरण की जांच के परिणाम और एसआईटी की कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी मांगी.

गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने अपने लिखित जवाब में बताया कि दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाने में ठेकेदार बी.के. लाला, सोढ़ी सोनी, लिंगाराम कोड़ोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है. प्रकरण में विवेचना चल रही है. कांग्रेस विधायक ने सवाल उठाया कि मामले की पुलिस जांच में कहां चूक रह गई थी, जिसकी वजह से सरकार को एसआईटी का गठन करना पड़ा. संसदीय सचिव विजय बघेल ने बताया कि इसमें चूक की बात नहीं है. मामला गंभीर है, इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है. कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक वहां ठीक कार्रवाई कर रहे थे. लेकिन एस्सार कंपनी को बचाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया.

विधायक अकबर ने पूछा कि नक्सलियों को पैसे देने बी.के. लाला को राशि किसने दी थी. बघेल ने कहा कि यह जांच का विषय है. उनके इस जवाब पर कांग्रेस विधायक ने कहा कि लिखित जवाब में बताया गया है कि एस्सार कंपनी द्वारा बी.के. लाला को 15 लाख रुपए दिए गए थे. लेकिन किस व्यक्ति ने दिए, वे यह जानना चाहते हैं. गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने कहा कि यह मामला विवेचनाधीन है. इसका खुलासा करना ठीक नहीं है. इससे जांच प्रभावित हो सकती है.

नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे ने कहा कि यह प्रश्न अध्यक्ष की अनुमति से आया है और मंत्री को उत्तर देना चाहिए. वे लोग तो पुलिस अधीक्षक की जांच की तारीफ कर रहे हैं. इतना जानना चाहते हैं कि एस्सार कंपनी की तरफ से पैसा कौन दे रहा है. कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार एस्सार कंपनी को बचाना चाहती है. मंत्री ने बताया कि मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जीएम की भी गिरफ्तारी हुई है. उसके माध्यम से ही नक्सलियों को पैसे दिए जा रहे थे. पुलिस की जांच में सक्रियता लाने एसपी स्तर से ऊपर के अधिकारी को जांच का जिम्मा देकर एसआईटी का गठन किया गया.

कांग्रेस विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि कंपनी ने देश द्रोह का काम किया है. उन्होंने पूछा कि एस्सार की बिजली, पानी बंद की गयी या नहीं? गृहमंत्री की तरफ से कोई जवाब नहीं आने पर कांग्रेस सदस्यों ने एस्सार कंपनी को बचाने का आरोप लगाते हुए मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वाकआउट किया.