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अब किसी के भी फोन हो सकते हैं टेप

अब किसी के भी फोन हो सकते हैं टेप

नई दिल्ली. 17 दिसंबर 2011

फोन टेप


सावधान, अब आपका मोबाइल फोन कोई और भी सुन सकता है और उसे टेप भी कर सकता है. इसी तरह आपके ईमेल में भी सेंध लगाई जा सकती है और सारे दस्तावेज़ कॉपी किये जा सकते हैं. भारत सरकार ने अपनी खुफिया एजेंसी रॉ को उन 8 एजेंसियों में शामिल कर लिया है, जिन्हें बिना किसी अनुमति के किसी के भी फोन, ई मेल यानी इलेक्ट्रानिक संचार को इंटरसेप्ट करने की अनुमति है.

कपिल सिब्बल पर सोशल नेटवर्किंग साईटों में सेंसर लगाने की खबरों के बीच आई इस चौंकाने वाली खबर के बारे में कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में यह अधिसूचना जारी की है. इससे पहले विदेशों में रह रहे भारतीयों की जानकारी टेप करने या उनकी कॉपी करने की अनुमति रॉ को थी. नई अधिसूचना में मिले अधिकार के बाद रॉ अब देश में भी किसी भी भारतीय के फोन टेपिंग या ईमेल की कॉपी कर सकती है.

गौरतलब है कि हाल में फोन टेपिंग के कई मामले सामने आये हैं, जिसमें सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं. विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने फोन टेपिंग पर कहा था कि बेकार हो चुके भारतीय टेलीफोन अधिनियम 1885 को समाप्त किया जाये तथा आम नागरिक की निजता की सुरक्षा के लिए इसके स्थान पर नया कानून बनाने के लिए ब्रिटेन में ब्रिकेट समिति की तर्ज पर एक संसदीय समिति गठित की जाए.

आडावाणी ने कहा था कि नया कानून ऐसा हो जो आम नागरिकों की निजता की सुरक्षा करे लेकिन जो औपचारिक रूप से केवल अपराध, घोटाले तथा जासूसी के मामलों में ही राज्य को नवीनतम आईटी तकनीक के इस्तेमाल को मान्यता दे. इस कानून में सांविधिक सुरक्षा मानक अवश्य हों जो सरकार के लिए राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा मीडियाकर्मियों के खिलाफ इस कानून की शक्तियों का दुरूपयोग असंभव बना दें.


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