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सुप्रसिद्ध कवि अदम गोंडवी का निधन

सुप्रसिद्ध कवि अदम गोंडवी का निधन

लखनऊ. 18 दिसंबर 2011

अदम गोंडवी


हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि अदम गोंडवी ऊर्फ रामनाथ सिंह का रविवार को निधन हो गया. वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. उनका लीवर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अपना इलाज नहीं करा पा रहे थे. उन्हें हाल ही में लखनऊ के संजय गांधी परास्नातक आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली.

22 अक्तूबर 1947 को उत्तर प्रदेश के आटा परसपुर गांव में जन्में अदम गोंडवी के दो संग्रह धरती की सतह पर और समय से मुठभेड़ प्रकाशित हुये थे लेकिन उनकी जनवादी कवितायें पूरे हिंदी प्रदेश में लोकप्रिय रही हैं. “काजू भुने प्लेट में, व्हिस्की गिलास में, राम राज उतरा विधायक निवास में” और “जो उलझ कर रह गई फाइलों के जाल में, गांव तक वो रोशनी आयेगी कितने साल में” जैसी कविताओं के लिये मशहूर अदम गोंडवी उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के अटा परसपुर गांव में रहते थे और वहीं खेती करते थे. अदम गोंडवी और उनकी कविताओं पर कई विद्यार्थियों ने पीएचडी की थी.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Anil Dhiman [anilmayur@gmail.com] Bhopal - 2011-12-18 09:04:14

 
  मेरी गहरी संवेदनाएं. पिछले 23 सालों से अदम जी के गीत कविताओं को हमने रंगमंच थियेटर के माध्यम से लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया. हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िये, अपनी कुरसी के लिए जज्बात को मत छेड़िये... जैसी पंक्तियों के इस रचनाकार को हमारा लाल सलाम. 
   
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