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अजित सिंह फिर केंद्र में मंत्री बने

अजित सिंह फिर केंद्र में मंत्री बने

नई दिल्ली. 18 दिसंबर 2011

अजित सिंह


उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन थामने वाले राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख अजित सिंह रविवार को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल हो गये हैं. राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने अजित सिंह को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई.

मनमोहन सिंह की सरकार में उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्री का पद दिया जायेगा. लोकसभा में उनकी पार्टी के कुल पांच सांसद हैं और अजित सिंह इससे पहले भी केंद्र में मंत्री पद पर रह चुके हैं.

अजित सिंह ने लखनऊ और आईआईटी खड़गपुर के अलावा अमरीका में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने लगभग दो दशकों तक अमरीका में ही नौकरी की. भारत लौटने के बाद उन्होंने अपने पिता चौधरी चरण सिंह की विरासत संभाली और 1986 में वे पहली बार राज्यसभा के लिये चुने गये. इसके बाद 1989 और 1991 में वे लोकसभा का चुनाव लड़कर संसद में पहुंचे. 1989 में ही पहली बार अजित सिंह को विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार में 11 महीने के लिये उद्योग मंत्री बनाया गया. नरसिंह राव सरकार में भी उन्हें खाद्य विभाग का मंत्री बनाया गया था. इसके बाद 2001 में एनडीए सरकार में उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया.

वाम दलों को छोड़कर चौधरी अजित सिंह ने लगभग सभी दलों के साथ समझौता करके चुनाव लड़े हैं या उनकी सरकार में शामिल हुये हैं. इनमें बसपा, सपा, जनतादल और भाजपा शामिल हैं. माना जाता है कि उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में उनका वोट बैंक है और इसी उम्मीद के साथ कांग्रेस ने उन्हें अपनी सरकार में शामिल किया है.