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अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मंजूर

अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मंजूर

नई दिल्ली. 20 दिसंबर 2011

अरविंद केजरीवाल


टीम अन्ना की कोर कमेटी के सदस्य अरविंद केजरीवाल का भारतीय राजस्व सेवा का इस्तीफा आखिर छह साल के बाद केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है. कुछ दिनों पहले ही केजरीवाल ने केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार नौ लाख रुपया का भुगतान किया था.

गौरतलब है कि 2006 में इस्तीफा देने के बाद भी सरकार ने जनलोकपाल बिल के लिये अनशन शुरु किये जाने के ऐन पहले अरविंद को एक नोटिस भेज कर कहा था कि केजरीवाल भारतीय राजस्व सेवा की नौकरी की दो साल की सैलरी का साढ़े तीन लाख रुपये और उसका ब्याज 4 लाख सोलह हजार रुपये लौटाएं. यही नहीं, केजरीवाल से 50 हजार रुपये का कंप्यूटर लोन, जो ब्याज के साथ एक लाख रुपये हो चुका है, लौटने को कहा गया था. नोटिस में कहा गया था कि उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है और उन्होंने सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है.

अरविंद केजरीवाल भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी रह चुके हैं. वे वर्ष 1995 में भारतीय राजस्व सेवा में शामिल हुए थे. वे दिल्ली में अतिरिक्त आयकर आयुक्त के पद पर काम कर चुके हैं. फरवरी 2006 में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह समर्पित कर दिया था.

सरकार की नोटिस के बाद केजरीवाल ने अपने जवाब में कहा था कि उनकी सेवा शर्तें सिर्फ यह कहती हैं कि वह स्टडी लीव के दौरान नौकरी नहीं छोड़ सकते. उन पर जुर्माना तभी लगाया जा सकता है जब वह स्टीड लीव से वापस न लौटें या लौटने से पहले ही इस्तीफा दे दें या रिटायरमेंट ले लें या फिर स्टडी कोर्स पूरा न कर सकें. केजरीवाल के अनुसार वह नवंबर 2000 से 31 अक्टूबर 2002 तक स्टडी लीव पर थे और 1 नवंबर 2002 को दोबारा जॉइन किया. 31 अक्टूबर 2005 को उन्होंने तीन साल पूरा कर लिया और इसके तीन महीने बाद फरवरी 2006 में इस्तीफा दिया. 2004 से 06 के बीच वह वेतन रहित छुट्टी पर थे.

केजरीवाल का कहना था कि उन्होंने किसी सेवा शर्त का उल्लंघन नहीं किया है और अगर किया भी है तो विभाग को मेरा बकाया माफ करने का अधिकार है क्योंकि वह जनहित में कार्य कर रहे हैं.

लेकिन केजरीवाल की यह दलील काम नहीं आई और सरकार ने उन्हें साफ-साफ तौर पर पैसे जमा करने के लिये कहा. जिसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखते हुये अरविंद केजरीवाल ने 9 लाख 27 हजार 787 रुपये का चेक सरकार को भिजवा दिया और कहा कि इस्तीफा मंजूर होने के बाद वे सरकार के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

नरेंद्र तोमर [nakutom@yahoo.com] गाजियाबाद उप्र - 2011-12-20 15:29:46

 
  2014 के लोकसभा चुनाव में उम्‍मीदवारी के लिए सरकारी नौकरी से इस्‍तीफा देना तो जरूरी था।  
   
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