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जरदारी पाकिस्तान छोड़ कर जाएंगे

जरदारी पाकिस्तान छोड़ कर जाएंगे

वाशिंगटन. 20 दिसंबर 2011

आसिफ अली जरदारी


पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भले वतन वापसी हो गई हो लेकिन कहा जा रहा है कि वे कभी भी पाकिस्तान छोड़कर जा सकते हैं. राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि यह वापसी केवल कुछ दिनों के लिये ही है. कहा जा रहा है कि मुल्क में एक के बाद एक परेशानियों से जुझ रहे जरदारी किसी भी दिन लंदन या दुबई में अस्थायी रुप से रहने के लिये जा सकते हैं.

गौरतलब है कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी हार्ट अटैक के बाद 6 दिसंबर को अचानक दुबई चले गये थे. उसके बाद वे रविवार को ही पाकिस्तान लौटे हैं. उनकी अनुपस्थिति के दौरान कहा जा रहा था कि अमरीका के साथ खराब होते संबंध और देश भर में चौतरफा विरोधों के बाद जरदारी को पहले से ही राष्ट्रपति पद पर बने रहने में खतरा नजर आने लगा था. ऐसे में सोमवार को आये हार्ट अटैक के बाद माना जा रहा था कि वे वतन वापसी के बाद अपना पद छोड़ने का फैसला कर सकते हैं.

जरदारी के इस्तीफे के पीछे तर्क दिया जा रहा था कि मेमोगेट स्कैंडल के साथ-साथ जरदारी देश में कट्टरपंथियों के निशाने पर पहले से ही हैं. उपर से नाटो हमले के बाद सेना में भी उनके खिलाफ सुगबुगाहट हो रही है और जरदारी के खिलाफ तख्तापलट हो सकता है. इसी साल पाकिस्तान की आर्मी छावनी एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के अमेरिकी सैनिकों के हाथों मारे जाने के बाद पाक राष्ट्रवपति आसिफ अली जरदारी ने अपना तख्ता पलट किये जाने के डर से अमरीका को चिट्ठी लिख कर वादा किया था कि अमरीका जो-जो कहेगा, वे उसके अनुसार करने के लिये तैयार हैं. यह विवाद भी अभी चल ही रहा है और इसे लेकर भी पाकिस्तान में जरदारी के खिलाफ आक्रोश का माहौल है.

आसिफ अली जरदारी पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत बेनजीर भुट्टो के पति है. बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद पाकिस्तान की सक्रिय राजनीति में वे आये और सितंबर 2008 में वे पाकिस्तान के राष्ट्रपति चुने गये. अब कहा जा रहा है कि उनकी रविवार को वतन वापसी केवल बेनजीर भुट्टो की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के लिये है और 27 दिसंबर को कार्यक्रम के बाद वे कभी भी वतन छोड़ कर जा सकते हैं.


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