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सुखराम की सजा बरकरार, जायेंगे जेल

सुखराम की सजा बरकरार, जायेंगे जेल

नई दिल्ली. 21 दिसंबर 2011

सुखराम


पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम की सजा हाईकोर्ट ने बरकरार रखी है. हाईकोर्ट ने माना कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा उचित है. उन्हें 5 जनवरी तक समर्पण करने को कहा है, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा जाएगा.

गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में दूरसंचार घोटाले के आरोपी पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री सुखराम को दिल्ली की तीस हज़ारी अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई थी. इसके अलावा 86 वर्षीय सुखराम को 2 लाख रुपये का जुर्माना भी भरने के लिये कहा गया था. सीबीआई ने आरोप लगाया था कि सुखराम आदतन अपराधी हैं, इसलिये इनकी उम्र को लेकर कोई भी रियायत नहीं दी जाये.

1997 में सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश के नेता और तत्कालीन दूरसंचार मंत्रई सुखराम और रुनु घोष के खिलाफ रामाराव के साथ मिल कर आर्म कंपनी को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने के लिए घटिया दर्जे के टेलिकॉम रेडियो उपकरण की सप्लाई का ठेका अधिक कीमत पर दिया था. इससे सरकार को एक करोड़ 68 लाख का घाटा हुआ था. इस मामले में 2002 में सीबीआई के विशेष न्यायधीश वीके जैन ने सुखराम को तीन वर्ष क़ैद और एक लाख रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई थी.

साथ ही 2009 में सुखराम को 4.25 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति रखने का भी दोषी ठहराया गया था। सुखराम के बिस्तर के नीचे से 3.6 करोड़ रूपये नकद बरामद किए थे. तब माना जा रहा था कि यह देश का बहुत बड़ा घोटाला है. तब तक देश में आज की तरह हजार-हजार और लाख-लाख करोड़ रुपये के घोटाले नहीं होते थे.

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश आरपी पांडेय ने 86 वर्षीय सुखराम को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं और भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, आपराधिक साजिश के लिए दोषी ठहराते हुये 3 साल कैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी. जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.


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