पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >उड़ीसा Print | Share This  

हिरासत में रोज 4 की मौत

हिरासत में रोज 4 की मौत

नई दिल्ली. 21 दिसंबर 2011

हिरासत


भारत में हर रोज औसतन चार लोग पुलिस या न्यायिक हिरासत में मारे जाते हैं. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक साल में कुल 1574 लोगों की मौत हिरासत में हुई है. अकेले उत्तर प्रदेश में 331 लोग मारे गये हैं.

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में गृह राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राष्रीरेय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट पेश करते हुये कहा कि देश में हिरासत में मौत के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. इसके बाद बिहार दूसरे नंबर पर है, जहां 136 लोग हिरासत में मारे गये. महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में भी हिरासत में हुई मौतों का आंकड़ा सौ के पार है. राजधानी दिल्ली में 22 लोगों की हिरासत में मौत की सूचना है. सरकार के अनुसार पिछले साल की तुलना में इन आंकड़ों में कमी आई है. 2008-09 में हिरासत में कुल 1746 लोगों की मौत हुई थी.

हालांकि एशियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स की रिपोर्ट ने इन मौतों के आंकड़ों पर अविश्वास जताया है. इस संस्था के अनुसार अकेले पुलिस हिरासत में ही 2011 में महाराष्र्6 में 250, उत्तर प्रदेश में 174, गुजरात में 134, आंध्र प्रदेश में 109 और पश्चिम बंगाल में 98 लोगों की मौत हुई है. अधिकांश मौंते पुलिस हिरासत में 48 घंटों के भीतर हुई हैं.

एशियन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स का दावा है कि न्यायिक हिरासत में पिछले 10 सालों में 12727 मौतें हुई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 2171 मौतें उत्तर प्रदेश में दर्ज की गईं. इसके बाद बिहार का नंबर आता है, जहां जेलों के भीतर 1512 लोग मारे गये. इसी तरह महाराष्ट्र में 1176, आंध्र प्रदेश में 1037 और तमिलनाडु में 744 लोग जेल के भीतर मरे हैं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in