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मुसलमानों को मिलेगा 4.5 प्रतिशत आरक्षण

मुसलमानों को मिलेगा 4.5 प्रतिशत आरक्षण

नई दिल्ली. 22 दिसंबर 2011

मुस्लिम महिला


मुसलमानों को लुभाने के लिये ओबीसी यानी पिछड़े वर्ग को नौकरी और शिक्षा में मिलने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण में से 4.5 प्रतिशत आरक्षण पर अब मुस्लिमों और दूसरे अल्पसंख्यकों का हक होगा. केंद्रीय मंत्रीमंडल ने मुसलमानों और अल्पसंख्यकों को शिक्षा व नौकरियों में और अधिक अधिकार देने की नियत से तय किया है कि पिछड़े वर्ग के मुस्लिम अल्पसंख्यकों को अब 4.5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा.

गौरतलब है कि भारत में मुस्लिमों की तीसरी सबसे बड़ी आबादी बसती है, जिनकी संख्या 16,09,45,000 है. 2030 तक इस आबादी के 30 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. ऐसे में इस आरक्षण का लाभ एक बड़ी आबादी को मिलेगा. मुस्लिमों के आरक्षण के मुद्दे पर रंगनाथ मिश्रा आयोग ने दलित मुस्लिमों को दस प्रतिशत और बाकी अल्पसंख्यक दलितों को पांच प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी.

जिन अल्पसंख्यकों को इस आरक्षण का लाभ मिलेगा, उसमें मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और पारसी है, जिन्हों अल्पसंख्यक अधिनियम की धारा 2सी के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के तौर पर अधिसूचित किया गया है.

मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिये जाने के इस फैसले को लेकर भाजपा ने आरोप लगाया है कि ऐन उत्तर प्रदेश चुनाव के समय सरकार का यह निर्णय अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण से जुड़ा हुआ है. इस तरह के आरक्षण से मुस्लिमों का तो भला नहीं होगा लेकिन पिछड़ों को इसका नुकसान जरुर होगा. भाजपा का कहना है कि इस तरह से आरक्षण का निर्णय असंवौधानिक है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि कांग्रेस का यह निर्णय चालाकी भरा है लेकिन यह स्वागत योग्य है.


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