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आतंकवाद से निपटने के लिए नया कानून

आतंकवाद से निपटने नया कानून

नई दिल्ली. 17 सितंबर 2008


केंद्र सरकार द्वारा विरप्पा मोइली की अध्यक्षता में बनाई गई दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग (एआरसी) ने कहा है कि आतंकवाद से निपटने में वर्तमान कानून सक्षम नहीं हैं और इससे निपटने के लिए नए और प्रभावी कानून की जरुरत है.

दिल्ली में हाल ही में हुए बम धमाकों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कहा था कि अगर उनकी सरकार बनती है तो 100 दिन के भीतर उनकी सरकार फिर से पोटा लागू करेगी. ज्ञात रहे कि देश भर में पोटा के भारी दुरुपयोग के बाद इस कानून को खत्म कर दिया गया था. माना जा रहा है कि वीरप्पा मोइली द्वारा पेश की गई रिपोर्ट भाजपा के बयान का जवाब है.

दिल्ली में एआरसी की रिपोर्ट जारी करते हुए वीरप्पा मोइली ने हालांकि साफ तौर पर कहा कि आतंकवाद को रोकने के लिए अलग से कोई कानून नहीं बनाया जाएगा. आयोग की राय है कि मौजूदा राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून 1980 (रासुका) में ही आतंकवाद के मुद्दे पर अलग से एक अध्याय जोड़ दिया जाए.

मोइली ने यह भी कहा कि इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी प्रभावी नियम-कानून बनाए जाएंगे.उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा पोटा लागू करने की बात कहना सही नहीं है क्योंकि इस कानून का देश में बहुत दुरुपयोग हुआ है.