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अन्ना हजारे का अनशन गैरकानूनी

अन्ना हजारे का अनशन गैरकानूनी

मुंबई. 27 दिसंबर 2011

अन्ना हजारे


समाजसेवी अन्ना हजारे के मुंबई अनशन को असंवैधानिक और गैरकानूनी बताते हुये एक सामाजिक कार्यकर्ता ने मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है. इसके अलावा अन्ना हजारे के आंदोलन के खिलाफ कर्नाटक उच्च न्यायालय में भी एक याचिका दायर की गई है.

गौरतलब है कि सरकार द्वारा कमजोर लोकपाल बिल पेश किये जाने के विरोध में अन्ना हजारे मंगलवार से तीन दिन के अनशन पर हैं और इसके बाद तीन दिन तक जेल भरो आंदोलन चलाने वाले हैं. अन्ना हजारे के पूरे आंदोलन को सवालों के घेरे में खड़े करते हुये याचिका दायर की गई है.

उत्तर भारतीय विकास परिषद के अध्यक्ष मंगलेश्वर त्रिपाठी ने अपनी याचिका में कहा है कि अन्ना हजारे इस तरह के अनशन और जेल भरो आंदोलनों से सरकार पर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं. लोकपाल बिल पर फिलहाल संसद में चर्चा हो रही है. ऐसे में अन्ना हजारे का इस तरह का आंदोलन असंवैधानिक और लोकतंत्र के सिद्धांतों को नुकसान पहुंचाने वाला है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि अन्ना हजारे द्वारा किसी भी राजनीतिक दल पर की जाने वाली टिप्पणी को भी रोका जाये.

याचिका में कहा गया है कि अन्ना हजारे को अदालत साफ निर्देश दे कि वे कानून का पालन करें और इस आंदोलन को राजनीतिक आंदोलन नहीं बनायें.

इधर कर्नाटक उच्च न्यायालय में भी एक वकील ए वी अमरनाथन ने अन्ना हजारे के आंदोलन के खिलाफ एक याचिका दायर की है. याचिका में अन्ना हजारे के आंदोलन को सीमित करने का अनुरोध किया गया है. याचिका में कहा गया है कि अन्ना हजारे का आंदोलन सार्वजनिक शांति के खिलाफ अपराध और उसकी साजिश की तरह है. अन्ना हजारे का आंदोलन अवैध है और जनता को इस असंवैधानिक आंदोलन के लिये उद्वेलित कर के वे आम जनता के लिये मुश्किल खड़ी कर रहे हैं.