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कानून नहीं जलेबी है ये-जेटली

कानून नहीं जलेबी है ये-जेटली

नई दिल्ली. 29 दिसंबर 2011

अरुण जेटली


भाजपा सांसद अरुण जेटली ने सरकारी लोकपाल पर आज राज्यसभा में कहा कि इस कानून में जांच की प्रक्रिया जलेबी जैसी है. सरकारी लोकपाल पर राज्यसभा में विपक्ष ने कड़ा रुख अपनाते हुये कहा कि सरकार ने बेहद लचर कानून पेश किया है और ऐसे लोकपाल का कोई अर्थ नहीं है. विपक्ष के अधिकांश नेताओं ने कहा कि सरकार एक खराब लोकपाल के सहारे देश की जनता को धोखा देने का काम कर रही है.

245 सदस्यों वाली राज्य सभा में यूपीए सरकार की असली परीक्षा का माहौल था क्योंकि यूपीए के पास राज्यसभा में सांसदों की संख्या सौ से भी कम है. इसी परीक्षा के माहौल में विपक्षी नेताओं ने एक से बढ़कर एक तीर चलाये.
भाजपा नेता अरुण जेटली ने यूपीए सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि ये क़ानून बेहद कमज़ोर है. हमें राष्ट्र की भावनाओं के बारे में भी सोचना चाहिए. आप ऐसा क़ानून कैसे बना सकते हैं, जिसमें लोकपाल की नियुक्ति और बर्खास्तगी का अधिकार सरकार के ही हाथों में हो?

अरुण जेटली ने कहा कि इस क़ानून में जांच की प्रक्रिया इतनी टेढ़ी-मेढ़ी है कि कभी-कभी लगता है कि ये क़ानून है या जलेबी? उन्होंने कहा कि सीबीआई को निष्पक्ष बनाए जाने की ज़रूरत है, न कि मौजूद क़ानूनों को लांघ कर एक नया क़ानून बनाने की.

अरुण जेटली के आरोपों का जवाब देते हुये कांग्रेसी नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने लोकपाल को संवैधानिक दर्जा दिए जाने का विरोध केवल इसलिए किया क्योंकि उसकी वकालत कांग्रेस के महासचिव, राहुल गांधी ने की थी. उन्होंने कहा कि विधेयक में आरक्षण की वकालत नही की गई है बल्कि लोगों के प्रतिनिधित्व की बात कही गई है.

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि लोकपाल को ज़रूरत से ज्यादा ताकत देने की वकालत करके भाजपा भ्रष्टाचार की नई ज़मीन तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि सीबीआई को लोकपाल के दायरे में पूरी तरह से लाने पर सीबीआई का अस्तित्व खत्म हो जाएगा. उन्होंने भाजपा पर टिप्पणी करते हुये कहा कि संशोधन का बहाना बनाकर लोकपाल बिल को पारित करने के रास्ते में रूकावट पैदा करना चाहती है.

बसपा के नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि लोकपाल में आरक्षण के मामले पर सरकार ने सबको धोखा दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार सीबीआई के दुरुपयोग करती है और लोकपाल कानून में भी इसकी संभावना बनी रहेगी. उन्होंने सीवीसी के चुनाव के मामले पर कांग्रेस पर हमला बोला.

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि लोकपाल विधेयक को देखकर पता चलता है कि सरकार एक असरदार लोकपाल नहीं चाहती है. उन्होंने लोकपाल की नियुक्ति और उसको हटाने के तरीकों पर भी सवाल खड़े किये.