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फैशनेबल कपड़ों के कारण बलात्कार

फैशनेबल कपड़ों के कारण बलात्कार

हैदराबाद. 31 दिसंबर 2011

आंध्र की औरत


बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के लिये महिलाओं के फैशनेबल कपड़े को जिम्मेवार बताने वाले आंध्र के पुलिस महानिदेशक वी दिनेश रेडडी के बयान को लेकर कई महिला संगठनों ने गहरी आपत्ति दर्ज करायी है, वहीं गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि हरेक व्यक्ति के अपनी पसंद के कपड़े पहनने का हक है, इस पर पाबंदी नहीं लगायी जा सकती.

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक वी दिनेश रेडडी ने एक बयान में कहा था कि पुलिस को बलात्कार के लिये जिम्मेवार नहीं ठहराया जा सकता और महिलाओं के फैशनेबल कपड़े के कारण बलात्कार की घटनाओं को बढ़ावा मिलता है. उन्होंने कहा था कि पारदर्शी कपड़ों से बलात्कार को उकसावा मिलता है. डीजीपी ने इस बात से इंकार किया कि बलात्कार का मामला पुलिस और कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ मामला है.

केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि वे इस बात से पूरी तरह असहमत हैं. उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी पसंद के कपड़े पहनने का अधिकार है। कपड़े मौके के हिसाब से होने चाहिए। जाहिर है कि आप जब फुटबॉल या टेनिस खेलने जाते हैं तो ऊपर से नीचे तक कपड़ों में लिपटकर नहीं जाते और किसी कॉकटेल पार्टी में जाते हैं तो स्विमसूट नहीं पहनकर जाते.

आंध्र प्रदेश में पिछले साल बलात्कार के 1,362 मामले दर्ज किये गये थे. इसमें बड़ी संख्या छोटी बच्चियों की थी. जाहिर है, ऐसी बच्चियों का फैशनेबल या पारदर्शी कपड़े पहनने जैसा डीजीपी का तर्क बेहद लचर साबित होता है.
 

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

sanjay kumar mishra [sanjaykumarmishra92@yahoo.com] gaya/bihar /india - 2011-12-31 16:58:00

 
  बलात्कार एक विकृत मानसिकता की अपज है. कपड़े भाव-भाषा बलात्कार की प्रवृति को बढ़ावा देती हैं. 
   
 

shruti [shrutimahajan28@yahoo.com] delhi - 2011-12-31 05:19:46

 
  ये कहना सही है कि लड़कियों के कपड़े की वजह से बलात्कार होते हैं. इतने छोटे कपड़े पहनने की जरुरत ही क्या हो, जो लड़कों की नियत खराब कर दे. 
   
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