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अमरीका में रैनबैक्सी की 30 दवाएं प्रतिबंधित

अमरीका में रैनबैक्सी की 30 दवाएं प्रतिबंधित

नई दिल्ली. 17 सितंबर 2008


भारत की मशहूर दवा निर्माता कंपनी रैनबैक्सी की 30 दवाइयों को अमानक बताते हुए अमरीका ने प्रतिबंधित कर दिया है. अमरीका की फ़ेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने लंबी जांच के बाद आरोप लगाया है कि रैनबैक्सी द्वारा जिस तरीके से दवा बनाई जाती है, उसमें साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता.फ़ेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने आरोप लगाया कि दवाओं के मिश्रण की मात्रा भी असंतोषजनक है.

इससे पहले जब फ्रेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने जांच शुरु की थी तब रैनबैक्सी ने आरोप लगाया था कि अमेरिकी कांग्रेस की कमेटी द्वारा कंपनी की दवाओं को एफडीए की मंजूरी की जांच के पीछे बहुराष्ट्रीय कंपनी का बड़ा खेल है.

इन आरोपों के बाद फ़ेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने रैनबैक्सी के मध्यप्रदेश स्थित देवास और हिमाचल के पांवटा साहिब के दवा निर्माण करने वाले कारखानों की जांच की थी.

इसके बाद एफ़डीए के अधिकारी इस साल मार्च महीने में रैनबैक्सी के कारखानों में जांच पड़ताल करने भारत पहुंचे थे. इस जांच के बाद अमरीका ने रैनबैक्सी की 30 दवाओं को अपने देश में प्रतिबंधित कर दिया. कॉलेस्ट्रॉल की दवा जोकोर(सिमवास्टाटिन), एंटिबायोटिक सिप्रोफ्लोक्सासिन, डायबिटीज की दवा मेटफॉरमीन, कोलेस्ट्रॉल की दवा प्रावास्टाटिन और एलर्जी की ओवर द काउंटर दवा लोरकाटाडीन जैसी दवाएं अब अगले आदेश तक अमरीका में नहीं बेची जा सकेंगी. इस प्रतिबंध से 'गैंकिक्लोविर' नामक दवा को मुक्त रखा गया है. यह दवा एचआईवी के रोगियों के लिए है और इसे केवल रैनबैक्सी ही बनाती है.

अमरीका द्वारा अपने देश में रैनबैक्सी की दवाओं को प्रतिबंधित करने की खबर का शेयर बाजार पर भी असर पड़ा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि अमरीका के इस निर्णय का रैनबैक्सी पर गहरा असर पड़ सकता है और जुनिया के दूसरे देश भी रैनबैक्सी के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई कर सकते हैं. हालांकि फ़ेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ किया है कि अगर रैनबैक्सी चाहे तो उनके संयंत्रों की दुबारा जांच की जा सकती है.


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