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भड़काउ कपड़ों के कारण होते हैं बलात्कार-पाटिल

भड़काउ कपड़ों के कारण होते हैं बलात्कार-पाटिल

हुबली. 2 जनवरी 2012

नैतिकता महिलाएं


बलात्कार के लिये फैशनेबल कपड़ों को जिम्मेवार बताने वाले आंध्र प्रदेश के डीजीपी के बयान पर शुरु हुआ विवाद अभी थमा नहीं है कि कर्नाटक के महिला और बाल कल्याण मंत्री सी सी पाटिल ने भी बलात्कार या छेड़छाड़ के लिये महिलाओं को ही जिम्मेवार बता दिया है. उन्होंने एक बयाने में कहा कि बलात्कार और यौन उत्पीड़न तब होते हैं जब पुरुषों की नैतिकता गिरती है और पुरुषों की नैतिकता तब गिरती है, जब महिलाएं भड़काऊ कपड़े पहनती हैं.

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक वी दिनेश रेडडी ने एक बयान में कहा था कि पुलिस को बलात्कार के लिये जिम्मेवार नहीं ठहराया जा सकता और महिलाओं के फैशनेबल कपड़े के कारण बलात्कार की घटनाओं को बढ़ावा मिलता है. उन्होंने कहा था कि पारदर्शी कपड़ों से बलात्कार को उकसावा मिलता है. डीजीपी ने इस बात से इंकार किया था कि बलात्कार का मामला पुलिस और कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ मामला है. डीजीपी के इस बयान के बाद उनको बर्खास्त किये जाने की मांग की गई थी.

अब कर्नाटक के महिला एवं बाल कल्याण मंत्री सी पी पाटिल ने एक बयान में बलात्कार और छेड़छाड़ के लिये महिलाओं को ही जिम्मेवार बताते हुये कहा कि मैं निजी तौर पर इस हक में नहीं हूं कि महिलाएं भड़काऊ कपड़े पहने और यह सोचें कि वे चाहे जो पहने उन्हें सम्मान की नज़रों से देखा जाए. उन्होंने कहा कि बलात्कार और यौन उत्पीड़न तब होते हैं जब पुरुषों की नैतिकता गिरती है और पुरुषों की नैतिकता तब गिरती है, जब महिलाएं भड़काऊ कपड़े पहनती हैं.

सी पी पाटिल का कहना था कि महिलाओं को यह पता होना चाहिए कि उन्हें कितनी चमड़ी ढकनी है. अपने बयान में पाटिल ने कहा कि महिलायें कहीं पर स्कर्ट पहनी जाती है और कहीं पर साड़ी. वैसे बाजार में लो-वेस्ट जीन्स भी आराम से मिल जाती हैं लेकिन यह महिलाओं पर है कि वह यह देख कर ड्रेस खरीदें कि कौन सी उनके लिए सुरक्षित है.


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