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भारतीय राजनयिक के साथ चीन में मारपीट नहीं

भारतीय राजनयिक के साथ चीन में मारपीट नहीं

शंघाई. 2 जनवरी 2012

एस बालाचंद्रन


चीन के अधिकारियों ने कहा है कि चीन में भारतीय राजनयिक एस बालाचंद्रन के साथ मारपीट नहीं की गई थी. डायबिटीज के मरीज बालाचंद्रन को चीन की एक अदालत में कार्रवाई के दौरान कुछ खाने-पीने, यहां तक की दवा लेने की भी इजाजत नहीं दी गई थी, जिसके कारण वे बेहोश हो गये थे. हालांकि भारत सरकार ने चीन में अपने राजनयिक के साथ अदालत में किये गये दुर्व्यवहार पर गहरी चिंता जताते हुये कहा है कि इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. भारत सरकार ने चीन के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को बुलाकर उन्हें अपनी आपत्तियों से अवगत कराने की बात कही है.

गौरतलब है कि 2 भारतीय व्यापारियों दीपक रहेजा और श्यामसुंदर अग्रवाल को चीन के व्यापारियों ने कथित बकाये की मांग को लेकर लगभग पखवाड़े भर से बंधक बना कर रखा था. इस मामले में शंघाई में भारतीय राजनयिक एस. बालाचंद्रन ने हस्तक्षेप करते हुये इन बंधकों को छुड़ाने के लिये यिवू स्थित अदालत की शरण ली.

31 दिसंबर की रात जब भारतीय और चीनी व्यापारियों के बीच समझौता नहीं हो सका तो एस. बालाचंद्रन अदालत से बाहर आ रहे थे. उसी समय वे बेहोश हो गये. पहले आने वाली खबरों में कहा गया था कि उन पर कुछ लोगों ने हमला बोल दिया. उनके साथ इतनी मारपीट की गई कि वे वहीं बेहोश हो गये. बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.

लेकिन बाद में पता चला कि अदालत की कार्रवाई के दौरान 46 वर्षीय एस. बालाचंद्रन को कुछ खाने-पीने की इजाजत नहीं दी गई और डायबिटीज के मरीज बालाचंद्रन जब अदालत से बाहर निकल रहे थे, उस समय बालाचंद्रन बेहोश हो गये. उन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया.

इस घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों ने माफी मांगते हुये पूरे घटनाक्रम की जांच की घोषणा की है.


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