पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

स्वामी अग्निवेश फंसे पैसों की हेराफेरी में

स्वामी अग्निवेश फंसे पैसों की हेराफेरी में

नई दिल्ली. 4 जनवरी 2012 छत्तीसगढ़

स्वामी अग्निवेश


कल तक किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जांच की मांग करने वाले बंधुआ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश भी पैसों की हेराफेरी के आरोप में फंसते दिख रहे हैं. दिल्ली सरकार ने उनको 18 लाख रुपए के फर्जी बिल जमा करने के आरोप में नोटिस थमाई है. यह राशि उनको अनुदान के रूप में दी गई थी.

स्वामी अग्निवेश कुछ समय पहले तक टीम अन्ना के संगठन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के प्रमुख सदस्यों में से एक थे. दिल्ली सरकार के वित्त विभाग ने उनको गत 23 दिसंबर को एक नोटिस जारी की है. नोटिस में कहा गया है कि उनके द्वारा जमा बिलों की प्रारंभिक जांच में कई सारी खामियां मिली हैं. कई बिल दिल्ली के बाहर मध्यप्रदेश जैसी जगहों पर हुए खर्च के हैं.

सरकार ने कहा है कि स्वामी अग्निवेश बंधुआ मुक्ति मोर्चा के नाम पर जारी बिलों की दोबारा जांच करें. राजस्व विभाग के एसडीएम श्याम सुंदर द्वारा जारी नोटिस में स्वामी अग्निवेश से कहा गया है कि वे बचे हुए 2.23 लाख रुपए सरकार को वापस करें, जो खर्च नहीं हो पाए हैं.

दिल्ली सरकार ने बंधुआ मुक्ति मोर्चा को सितंबर 2005 में 18 लाख रुपए दिये थे, जिसमें से संस्था ने 15 लाख 76 हजार 595 रुपए खर्च कर दिए. बाकी पैसा सीए की रिपोर्ट के हिसाब से बैंक में जमा है. इस बकाया राशि के उपयोग के बारे में मोर्चा ने सरकार को कोई जानकारी नहीं दी है. यह राशि मोर्चा को दिल्ली के नौ जिलों में बंधुआ मजदूरों के सर्वेक्षण के लिए दी गई थी. मोर्चा द्वारा पेश किए गए बिलों में गुना मप्र और बरन राजस्थान में गाड़ियों के इस्तेमाल के हैं. गाड़ियों में पेट्रोल भरवाने के लिए राशि खर्च की गई.

सरकार का कहना है कि सर्वे जब दिल्ली में किया जाना था, तो मोर्चा ने मप्र और राजस्थान में पैसा क्यों खर्च किया? राजस्व विभाग ने दस दिन के अंदर इस बारे में अग्निवेश से स्पष्टीकरण मांगा है.

अन्ना हजारे के दिल्ली में हुए अनशन के समय स्वामी अग्निवेश उनके करीबी माने जाते थे. पर बाद में एक टेप के सामने आने के बाद मामला बिगड़ गया. इस टेप में किसी कपिल जी से चर्चा करते वक्त अग्निवेश अन्ना को पागल और दिशाहीन हाथी कहते हुए दिखाए गए. माना जा रहा है कि उनकी यह बातचीत मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल के साथ हो रही थी. बाद में छवि सुधारने के लिए उन्होंने बिग बास रियालिटी शो में भी हिस्सा लिया. सफाई भी दी कि टीम अन्ना के अभियान को बदनाम करने के लिए यह फर्जी टेप लाया गया.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in