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भंवरी देवी को जलाया और बहा दी राख

भंवरी देवी को जलाया और बहा दी राख

जोधपुर. 5 जनवरी 2012

भंवरी देवी


लोक गायिका और नर्स भंवरी देवी की हत्या करने के बाद उसकी लाश को जालोड़ा की नहर के पास टुकड़े-टुकड़े कर के जला दिया गया. इसके बाद उसके सबूतों को नष्ट करने की गरज से सारी राख नहर में बहा दी गई. माना जा रहा है कि भंवरी देवी की हत्या का मामला लगभग सुलझ गया है. राजस्थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा, विधायक मलखान सिंह, भंवरी देवी के पति अमरचंद, सहीराम विश्नोई, कैलाश जाखड़, ओमप्रकाश, सोहनलाल, शहाबुद्दीन, बिशनाराम की लिप्तता को साबित करने के लिये सीबीआई ने पर्याप्त सबूत जुगाड़ लिये हैं.

पुलिस ने अभियुक्तों के साथ जालोड़ा की नहर के पास की उन जगहों की भी पहचान कर ली है, जहां भंवरी के शव को जलाया गया था. पुलिस द्वारा बुधवार को गिरफ्तार भैरा और उसके बेटे ने भी पुलिस को दिये बयान में कहा कि उन्होंने भंवरी का शव जलाने के लिये अभियुक्तों को लकड़ी की आपूर्ति की थी.

गौरतलब है कि भंवरी देवी एक सितंबर से ही लापता थी. भंवरी देवी ने अपनी कार जल संसाधन विभाग के एक ठेकेदार सोहनलाल विश्नोई को बेची थी. एक सितंबर को वह विश्नोई से कार की रकम लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद वह नहीं लौटी. माना जा रहा है कि राज्य सरकार के कुछ विधायक और मंत्री के साथ भंवरी देवी के कुछ आपत्तिजनक सीडी हैं और इसी कारण से उनका अपहरण किया गया. कहा जाता है कि भंवरी देवी कथित अश्लील सीडी के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रही थी. ऐसे कई टेप सामने आए हैं, जिससे ब्लैकमेलिंग की बात साबित होती है.

भंवरी देवी के पति अमरचंद का आरोप था कि उसे सरकार के एक कैबिनेट मंत्री ने गायब कराया था. उसका कहना था कि उसकी 37 वर्षीय पत्नी जालीवाड़ा पीपाड़ में एएनएम के पद पर कार्यरत थी. उसने अपने इच्छित स्थान पर तबादला करवाने के लिए राज्य सरकार के मंत्री महिपाल मदेरणा से संपर्क किया. इस पर मदेरणा ने उसका स्थानांतरण तो करवा दिया, लेकिन इसके बाद फोन कर भंवरी को किसी न किसी बहाने बुलाने लगे.

इस मामले में जोधपुर जिले की एक अदालत ने भंवरी देवी के पति के इस्तगासे के आधार पर जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए थे. बाद में उच्च न्यायालय ने भी सरकार को फटकार लगाई.इसके बाद जब विरोध बढ़ा तो मदेरणा को सरकार ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया. बाद में उनकी गिरफ्तारी हुई. इसी तरह भंवरी के पति अमरचंद को गिरफ्तार किया गया क्योंकि सीबीआई को कई अहम सबूत मिले, जिससे पता चलता है कि भंवरी की हत्या की जानकारी थी.

इसके बाद विधायक मलखान सिंह विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद सहीराम बिश्नोई ही वह शख्श था, जिसपर सीबीआई की नजरे लगी हुई थी लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी. बाद में सहीराम की गिरफ्तारी के बाद भी सीबीआई को भंवरी का पता नहीं चल पाया. इसके बाद एक और अभियुक्त कैलाश जाखड़ की गिरफ्तारी की गई, जिसकी निशानदेही पर पुणे से बिशनाराम विश्नोई को सीबीआई ने धर दबोचा. बिशनाराम के बयानों के आधार पर पुलिस ने कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया.


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