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अनुज बिदवे का अंतिम संस्कार आज

अनुज बिदवे का अंतिम संस्कार आज

पुणे. 7 जनवरी 2012

अनुज बिदवे


इंग्लैंड में एक नस्लभेदी हत्यारे के हाथों मारे गये भारतीय छात्र अनुज बिदवे का शनिवार की शाम पुणे में अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके परिजन अनुज बिदवे का शव लेकर भारत लौट आये हैं. अनुज का शव लेने गये उनके पिता सुभाष बिदवे, अनुज की मां और अनुज के जीजा दो दिन पहले ही लंदन गये थे.

लंदन से रवानगी से पहले सुभाष बिदवे ने कहा कि लंदन और भारत में अधिकारियों ने पूरी मुस्तैदी दिखाई है. उन्होंने बेटे की हत्या पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि हमारे पास शब्द नहीं हैं, हमारे सारे शब्द खत्म हो गये.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के पुणे निवासी 23 साल के अनुज बिदवे की 27 दिसंबर की शाम उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वे सड़क पर अपने दो भारतीय मित्रों के साथ सॉल्फर्ड शहर के ओर्डशाल लेन में घूम रहे थे. वे इंग्लैंड में ही लैंकेस्टर विश्वविद्यालय में माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स में पोस्टग्रेजुयेशन कर रहे थे और क्रिसमस की शाम घूमने के लिये निकले थे.

अनुज बिदवे के साथ घूम रहे मित्रों के अनुसार सड़क पर घूमते समय दो श्वेत लोगों ने अचानक अनुज को रोक कर कुछ कहा और इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता, उन्होंने उसे काफी पास से गोली मार दी. अनुज की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

अनुज की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. इन पांचों लोगों से पूछताछ के बाद कैरान स्टेपलेटोन को अनुज का हत्यारा मानते हुये मैनचेस्टर की अदालत में पेश किया गया था. वहां उसने अपने अपराध को लेकर कोई सफाई देने के बजाये अपना नाम- साइको स्टेपलेटोन बताते हुये हंसी उड़ाई थी.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Jagmohan Singh [] California, USA - 2012-01-08 02:36:22

 
  I am very sorry to heard this news about one of the most love one of his family specially his mom and dad. The place of his absence no body can fill it up forever. I want to say that lots of our indian are running to abroad, but we all, everyone i myself too come over here and start our carrier from bottem ,the same kinds of efforts we all can do at our own land But unfortunately our country leaders never think about. it. They first think for themselves, then for their owns, but they never ever think about the nation. If they start think first for there country then for else, we never come over here from our native.There are so many things, but its all due to our system. I donot want to say more,i really say what happened with you GOD sake it never happened again with any. 
   
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