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तलवार दंपत्ति को जेल या बेल?

तलवार दंपत्ति को जेल या बेल?

नई दिल्ली. 7 जनवरी 2012

आरुषि तलवार


आरुषि हत्याकांड में आरुषि के माता-पिता के खिलाफ फैसला आने के बाद अब राजेश तलवार और नूपुर तलवार को 4 फरवरी को गाजियाबाद की सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होना होगा. अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि तलवार दंपत्ति को अपनी बेटी की हत्या के आरोप में जमानत मिलती है या उन्हें जेल जाना पड़ेगा.

गौरतलब है कि शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय ने तलवार दंपत्ति पर आरुषि तलवार और नौकर हेमराज की हत्या का मुकदमा चलाने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है. राजेश तलवार और नूपुर तलवार ने अदालत से अनुरोध किया था कि उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जाये. लेकिन न्यायमूर्ति एके गांगुली और जेएस खेहर ने इसे खारिज कर दिया.

16 मई 2008 को नोएडा में 14 वर्षीया आरुषि तलवार और नौकर हेमराज की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 23 मई 2008 को आरुषि के पिता राजेश तलवार को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन 11 जुलाई 2008 को राजेश तलवार को जमानत मिल गई. इस बीच पूरे मामले की जांच सीबीआई ने शुरु की.

बाद में सीबीआई ने तलवार दंपत्ति को क्लिन चीट देते हुये कहा कि उसे तलवार दंपत्ति के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिला.

हालांकि ढ़ाई साल बाद पेश की गई सीबीआई की जांच को गाजियाबाद की स्थानीय अदालत ने खारिज करते हुये तलवार दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा चलाने की बात कही. अदालत का तर्क था कि प्रथम दृष्ट्या साक्ष्य ही तलवार दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिये पर्याप्त हैं. बाद में अदालत ने पिछले साल 9 फरवरी को तलवार दंपत्ति के खिलाफ सम्मन जारी किया था, जिसके खिलाफ वे इलाहाबाद हाईकोर्ट गये थे.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुये माना कि स्थानीय अदालत का निर्णय सही है. इसके बाद राजेश तलवार और नूपुर तलवार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की. जहां 19 मार्च 2011 को उनको राहत देते हुये अदालत ने तलवार दंपत्ति पर मुकदमा चलाने पर रोक लगा दी. लेकिन शुक्रवार को तलवार दंपत्ति की याचिका उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दी.


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