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राजेश तलवार को राहत, जमानत बरकरार

राजेश तलवार को राहत, जमानत बरकरार

नई दिल्ली. 9 जनवरी 2012

आरुषि हत्याकांड में राजेश को बेल


सुप्रीम कोर्ट ने आरुषि हत्याकांड में आरुषि के पिता राजेश तलवार को बड़ी राहत देते हुये उनकी जमानत 4 फरवरी तक बरकरार रखने के निर्देश दिये हैं. अदालत ने उन्हें कहा है कि वे इस मामले के लिये निचली अदालत में जायें.

गौरतलब है कि शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय ने तलवार दंपत्ति पर आरुषि तलवार और नौकर हेमराज की हत्या का मुकदमा चलाने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था. राजेश तलवार और नूपुर तलवार ने अदालत से अनुरोध किया था कि उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जाये. लेकिन न्यायमूर्ति एके गांगुली और जेएस खेहर ने इसे खारिज कर दिया.

16 मई 2008 को नोएडा में 14 वर्षीया आरुषि तलवार और नौकर हेमराज की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 23 मई 2008 को आरुषि के पिता राजेश तलवार को गिरफ्तार किया गया था. लेकिन 11 जुलाई 2008 को राजेश तलवार को जमानत मिल गई. इस बीच पूरे मामले की जांच सीबीआई ने शुरु की. बाद में सीबीआई ने तलवार दंपत्ति को क्लिन चीट देते हुये कहा कि उसे तलवार दंपत्ति के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिला.

हालांकि ढ़ाई साल बाद पेश की गई सीबीआई की जांच को गाजियाबाद की स्थानीय अदालत ने खारिज करते हुये तलवार दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा चलाने की बात कही. अदालत का तर्क था कि प्रथम दृष्ट्या साक्ष्य ही तलवार दंपत्ति के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिये पर्याप्त हैं. बाद में अदालत ने पिछले साल 9 फरवरी को तलवार दंपत्ति के खिलाफ सम्मन जारी किया था, जिसके खिलाफ वे इलाहाबाद हाईकोर्ट गये थे.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुये माना कि स्थानीय अदालत का निर्णय सही है. इसके बाद राजेश तलवार और नूपुर तलवार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की. जहां 19 मार्च 2011 को उनको राहत देते हुये अदालत ने तलवार दंपत्ति पर मुकदमा चलाने पर रोक लगा दी. लेकिन शुक्रवार को तलवार दंपत्ति की याचिका उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दी थी.


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