पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >पाकिस्तान Print | Share This  

भ्रष्ट हैं पाकिस्तानी पीएम गिलानी

भ्रष्ट हैं पाकिस्तानी पीएम गिलानी

इस्लामाबाद. 10 जनवरी 2012

यूसुफ रजा गिलानी


पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के खिलाफ अभी तक विपक्षी ही आरोप लगाते रहे हैं लेकिन इस बार पाकिस्तान की उच्चतम न्यायालय ने उनके खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुये कहा है कि गिलानी ईमानदार नहीं हैं. कोर्ट ने गिलानी के खिलाफ टिप्पणी करते हुये कहा कि उच्चतम न्यायालय ने उनसे राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दायर करने को कहा था. लेकिन उनके आदेश के बाद भी गिलानी ने ऐसा नहीं किया.

मंगलवार को पाकिस्तानी उच्चतम न्यायालय की पांच न्यायाधीशों वाली बेंच ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक माफीनामे को खारिज करने के बाद कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री का काम है. लेकिन शपथ लेने के बाद भी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अपनी शपथ का ध्यान नहीं रखा. न्यायाधीश ने प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को कड़ी फटकार लगाई.

न्यायाधीशों ने कहा कि गिलानी ईमानदार नहीं हैं. वे सम्मानित व्यक्ति नहीं हैं. बेंच ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के प्रति वफादारी दिखाने के बजाए अपने राजनीतिक सहयोगी के प्रति वफादारी दिखाई. अपने आदेश में बेंच ने कहा कि पहली नज़र में प्रधानमंत्री ईमानदार व्यक्ति नहीं हैं क्योंकि वे संवैधानिक शपथ पर खरे नहीं उतरे.

उच्चतम न्यायालय की बेंच ने यह भी कहा कि सरकार का जरदारी के खिलाफ काले धन संबंधी मामला जलाने के लिए स्विट्जरलैंड की सरकार को पत्र न लिखना पाकिस्तान के संविधान और इस्लाम की धार्मिक पुस्तक कुरान के सिद्धांतों के खिलाफ है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in