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मार खा कर ही सुधरते हैं यूपी-बिहार वाले

मार खा कर ही सुधरते हैं यूपी-बिहार वाले

मुंबई. 10 जनवरी 2012

राज ठाकरे


हिंदी भाषी लोगों के खिलाफ चीनी ड्रेगन की तरह आग उगलने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के सुप्रीमो राज ठाकरे ने एक बार फिर कहा है कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोग मार खा कर ही सुधरते हैं. ठाकरे ने कहा कि बाहरी लोग दो हजार किलोमीटर से आकर यहां दादागिरी करने लगें, यह नहीं हो सकता.

मुंबई में महानगरपालिका चुनाव के माहौल में एक बार फिर राज ठाकरे ने दूसरे राज्य के लोगों पर हमला बोलते हुये कहा है कि मैं किसी खास क्षेत्र के विरोधी नहीं हूं, लेकिन महाराष्ट्र में मराठी लोगों को प्राथमिकता मिलनी ही चाहिए.

ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को उकसाने वाले अंदाज में कहा कि दो हजार किलोमीटर से आकर बाहर के लोग यहां दादागिरी करने लगें, यह नहीं हो सकता. ठाकरे ने साफ-साफ कहा कि ये बाहरी लोग तभी सुधरते हैं जब एक बार इनकी पिटाई हो जाती है.

राज ठाकरे ने कहा कि मुझे बताया गया है कि बाहर से आने वाले ये लोग सब्जी भी बेचते हैं. मराठी लोगों को उत्तर भारतीयों से सब्जी लेना या उनकी टैक्सी में चलना बंद कर देना चाहिए. मैं मराठी लोगों के ठेले लगवाने को तैयार हूं, लेकिन उन्हें तय करना होगा कि मराठी लोग मराठी लोगों से ही सामान खरीदेंगे.

गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही राज ठाकरे की बदजुबानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी. तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश के. जी. बालकृष्णन, जस्टिस आर. वी. रविंद्रन और जस्टिस मार्कण्डेय काट्जू वाली पीठ ने कहा था कि जो हो रहा है उसे हम समझ सकते हैं. हम इस देश का विघटन होने नहीं देंगे. ठाकरे के बयानों पर कोर्ट ने कहा था कि यह खतरनाक प्रवृति है. यह एक देश है और हम धरती पुत्र के सिद्धांत को नहीं मानते.


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