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किंगफिशर की सुंदरियां और माल्या का घाटा

किंगफिशर की सुंदरियां और माल्या का घाटा

नई दिल्ली. 14 जनवरी 2012

किंगफिशर कैलेंडर


किंगफिशर का 2012 का कैलेंडर एक बार फिर स्टैंड पर है. नए मॉडलों के साथ इस बार का थीम पिंक रखा गया है. अब जरा इस कैलेंडर को लेकर आने वाली खबर पर गौर करें. साल की शुरुआत होगी हॉट मॉडल मॉडल एंजेला जॉनसन से. जनवरी में एंजेला जॉनसन अपना सेक्सी पोज देंगी और फरवरी के महीने में मॉडल माया हेडन, गैले के जेटविंग एरा बीच पर सेक्सी अंदाज में नजर आएंगी. मार्च में गोल्ड न बिकिनी में मॉडल मीमी बिलिक्स आग लगाती हुई कैलेंडर के पन्ने पर हैं तो अप्रैल की गर्मी में मॉडल टीना दिसे गैले के जेटविंग एरा बीच पर उत्तेजक पोज देती हुई नजर आएंगी और मई के महीने में सफेद बिकिनी में छाएंगी मॉडल एंजेला जॉनसन.

लेकिन इन तमाम खबरों के बीच कहीं भी यह सवाल नहीं है कि रोज पैसों का रोना-धोना मचाने वाली विजय माल्या की इस कंपनी किंगफिशर को भला इन सुंदरियों से भरे कैलेंडर के लिये करोड़ों रुपये कहां से आते हैं. पिछले एक पखवाड़े में विजय माल्या तीस बार सरकार के सामने हाथ फैला चुके हैं और मनमोहन सिंह की कारपोरेट सरकार भी उन्हें मदद करने के लिये बेताब है. तर्क दिया जाता है कि इनकी मदद न की गई तो सरकार का अरबों रुपया डूब जाएगा. लेकिन कोई यह नहीं पूछना चाहता कि विजय माल्या को करोड़ों रुपये मॉडलों की बेशर्म कैलेंडर छापने और अरबों रुपये से क्रिकेट टीम चलाने के लिये जनता की गाढ़ी खून-पसीने की रकम कैसे दी जा सकती है.

आज की तारीख में विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस पर 6,419.60 करोड़ रुपये की देनदारी है. बैंक इस कंपनी को कर्ज नहीं देना चाहते और तेल कंपनियां तेल. पिछले महीने ही टैक्स अधिकारियों ने किंगफिशर के खाते सील कर दिये थे. एयरपोर्ट प्रबंधन के पैसे चुकाने के नाम पर विजय माल्या रोना-धोना मचाते रहे हैं. सरकार के अनुसार किंगफिशर की कुल देनदारी में से 750.10 करोड़ रुपये को क्युमुलेटिव रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर में तब्दील किया जा चुका है.साथ ही 553.10 करोड़ रुपये को नॉन-कन्वर्टिबल क्युमुलेटिव रिडीमेबल प्रेफरेंस शेयर में बदला गया है. इधर जर्मनी के डीवीबी बैंक एसई ने कहा है कि अगर किंगफिशर ने उसके पैसे नहीं चुकाए तो वह उसके विमान जप्त कर लेगा.

हालत ये है कि किंगफिशर ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री अजीत सिंह को पत्र लिख कर कहा है कि वह बिना किसी अस्थायी बैंक ओवरड्राफ्ट के सामान्य संचालन बहाल करने में समर्थ नहीं हो सकेगा. एयरलाइंस को अपने कर्जधारकों का चुकारा करने के लिए सरकारी मदद चाहिये. सीधे-सीधे विजय माल्या ने सरकार को कहा है कि अगर कंपनी को सरकार ने पैसे नहीं दिये ऋणदाता हमारे विमान जब्त कर लेंगे.

गौरतलब है कि नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा था कि वह विमान कंपनियों को बंद नहीं होने देंगे. सरकार उनका लाइसेंस भी रद्द नहीं होने देगी. मतलब साफ है कि विजय माल्या की लगातार जारी अय्याशी और विलासिता की तमाम हरकतों को नजरअंदाज करते हुये सरकार जनता की गाढ़ी कमाई उन्हें सौंपने के लिये तैयार है.


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