पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

मानव मन और शहर का जल-थल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >बहस >ओडीशा Print | Share This  

स्टेशन पर ब्लू फिल्म ने उड़ाई रेलवे की नींद

स्टेशन पर ब्लू फिल्म ने उड़ाई रेलवे की नींद

भुवनेश्वर. 15 जनवरी 2012

ब्लू फिल्म


भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के टेलीविजन सेटों पर अश्लील फिल्मों के प्रसारण को रेलवे ने गंभीरता से लिया है. रेल विभाग के लिये यह चिंता का विषय है कि इस तरह सर्वर से छेड़छाड़ करके कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दिया जा सकता है.

गौरतलब है कि शनिवार को भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर लगे 24 टेलीविजन सेटों पर एकाएक अश्लील फिल्म का प्रसारण शुरु हो गया. सार्वजनिक तौर पर लगाये गये इन टेलीविजन सेटों पर पोर्न फिल्मों के प्रसारण से स्टेशन में हड़कंप मच गया.

राजधानी भुवनेश्वर के रेलवे प्लेटफॉर्म, यात्री विश्राम गृह, रिजर्वेशन काउंटर और दूसरी जगहों पर लगे टेलीविजन सेट पर शाम साढ़े तीन बजे जब अश्लील फिल्म का प्रसारण चल रहा था, उस समय बड़ी संख्या में यात्री इन जगहों पर उपस्थित थे. यह स्थिति लगभग 10 मिनट तक बनी रही.

बाद में पता चला कि वहां काम करने वाले 21 साल के टेलीविजन ऑपरेटर आशुतोष स्वेन ने अपने मोबाइल फोन से यह ब्लू फिल्म टेलीविजन सर्वर के मुख्य चैनल में लोड कर दी थी. आशुतोष रेलवे में ठेके पर काम करने वाली कंपनी का कर्मचारी है.

रेलवे पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुये प्रसारण रुकवाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार युवक आशुतोश ने माना कि उसने ही टेलीविजन सर्वर के मुख्य चैनल पर ब्लू फिल्म लोड कर दी थी. उसका कहना था कि यह सब कुछ बहुत जल्दी में हुआ और उसका इरादा ऐसा नहीं था.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

rajendra kalamkar [] surat kosamba - 2012-01-15 12:13:25

 
  सरकार को लगता है कि ठेका देने के बाद उनकी जिम्मेवारी खत्म हो जाती है. लेकिन ऐसे गंभीर अपराध में जिसने भी यह किया हो, उसके साथ ही जिस पर निगरानी की जिम्मेदारी है उसे भी सजा का भागी माने. और इन दोनों व्यक्तियों पर मुकदमा चलना चाहिए, तभी ठीक होगा. 
   
 

Asveer Charan [] Rajasthan - 2012-01-15 04:03:38

 
  भारतीय रेलवे का प्रशासनिक अमला क्या कर रहा था ? 
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in