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महिला आयोग ने कहा-यौन शिक्षा जरुरी

महिला आयोग ने कहा-यौन शिक्षा जरुरी

नई दिल्ली. 16 जनवरी 2012

यौन शिक्षा


राष्ट्रीय महिला आयोग जल्दी ही स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम में यौन शिक्षा को शामिल करने का प्रस्ताव सरकार को भेजने वाली है. महिला आयोग का कहना है कि अगर अपराधों पर रोक लगाना है तो बच्चों के पाठ्यक्रम में यौन शिक्षा को शामिल करना होगा. महिला आयोग का मानना है कि इलेक्ट्रानिक मीडिया और टीवी पर जिस तरीके से अश्लीलता परोसी जा रही है, उसके कारण छोटे बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और बच्चे यौन हिंसा की ओर जा रहे हैं.

महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा का कहना है कि पिछले कुछ सालों में विभिन्न इलेक्ट्रानिक माध्यमों और टीवी पर लगातार अश्लीलता परोसी जा रही है. ऐसे में दसवीं और बारहवीं कक्षा के बच्चों के पाठ्यक्रम में यौन शिक्षा को शामिल करना जरुरी है. उन्होंने कहा कि जिस तरह स्कूलों में गृह विज्ञान की पढ़ाई होती है, उसी तर्ज पर यौन शिक्षा को सहायक विषय के रुप में शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की शिक्षा से यौन हिंसा जैसे अपराधों में कमी आएगी.

ममता शर्मा ने माना कि देश में टीवी के कारण अश्लीलता की संस्कृति पनप रही है और सेंसर बोर्ड भी इस पर लगाम लगा पाने में असफल साबित हुआ है. उन्होंने कहा कि अब तो विज्ञापन भी इतने अश्लील आ रहे हैं कि इसे परिवार के साथ बैठ कर नहीं देखा जा सकता है. फिल्म और दूसरे कार्यक्रम भी ऐसे ही है. इसके लिये जरुरी है कि सेंसर बोर्ड अपने नियम और कड़े करे.

उन्होंने कहा कि यौन शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव जल्दी ही सरकार को बना कर भेजा जाएगा. इस तरह के पाठ्यक्रम में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि बच्चों के मन में यौन विषयक मुद्दों को लेकर कोई भ्रांति न रहे.


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