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राष्ट्रपति जरदारी के खिलाफ फतवा

राष्ट्रपति जरदारी के खिलाफ फतवा
इस्लामाबाद. 30 सितंबर 2008

 

अब तक कट्टरपंथियों का निशाना लेखक, कार्टूनिस्ट और कलाकार ही बनते रहे हैं लेकिन इस बार कट्टरपंथियों ने अपने फतवे में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को लपेट लिया है. हाल ही में अमरीका गए जरदारी द्वारा अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार साराह पालिन की तारीफ ने उनके लिए मुश्किल पैदा कर दी है. जरदारी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार साराह पालिन को अति सुंदर का विशेषण देते हुए उन्हें गले लगाने की इच्छा जताई थी.

पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी के साराह पालिन से मिलने पर जो सबसे पहले शब्द मुंह से निकले थे वे थे- “अतिसुन्दर, अब मुझे पता चला पूरा अमेरिका आपका दीवाना क्यों है”. इसके बाद जब फोटो खिचवाने की बारी आई और फोटोग्राफरों ने हाथ मिलाते हुए पालिन औऱ जरदारी को कुछ देर एक दूसरे का हाथ थामे रखने को कहा तो जरदारी ने फिर टिप्पणी की- " आप कहें तो मैं इन्हें गले लगाने के लिए भी तैयार हूं."

 

लेकिन अब जब जरदारी अपने मुल्क पाकिस्तान लौटे हैं, तब उन्हें इस बात का अहसास हुआ है कि उनके विचारों ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है.

इस्लामाबाद स्थित लाल मस्जिद के मौलाना अब्दुल गफ्फार ने एक फतवा जारी करते हुए कहा है कि जरदारी का व्यवहार इस्लाम के प्रतिकूल था और उनकी इस हरकत से पूरे पाकिस्तान को शर्मशार होना पड़ा. उन्होंने एक गैर मुसलमान महिला की बार-बार तारीफ की और उनसे लगे मिलने की बात कहना बर्दाश्त नहीं किया जाने वाला कृत्य था.

ज्ञात रहे कि इससे पहले “राइस एज गुड- कोंडोलीजा राइस एंड हर पाथ टू पावर” नामक अमेरिकी विदेशमंत्री कोंडोलिजा राइस की आत्मकथा में दावा किया गया था कि 2005 में उनकी पहली पाकिस्तान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शौकत अजीज ने उन्हें पुरुष वेश्या की तरह लुभाने की कोशिश की थी.इस मसले पर पाकिस्तानी संसद में बहुत हंगामा मचा था.

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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Asia Amin() Aligarh

 
 Though giving Fatwah against Zardari cannot be justified, but this episode shows that men from Asia still look at women as only sex objects and appreciate their beauty instead of their ability as politician, diplomat etc. Zardari and Aziz's remark hold no meaning for Rice and Palin as they represent the most powerful country and in their eyes Pakistan is nothing but a terrorism infested Islamist country. Zardari should think about his sexism if he wants to represent his Country. 
   

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