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गुजरात और विकास एक सिक्के के दो पहलू-मोदी

गुजरात और विकास एक सिक्के के दो पहलू-मोदी

गोधरा. 20 जनवरी 2012

नरेंद्र मोदी


एक के बाद एक मुकदमे में होती बदनामी से उबरने की कोशिश में लगे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने एक दिन के उपवास में अपना दुख सार्वजनिक किया और विपक्ष पर भी खूब हमला बोला. उन्होंने कहा कि छह जन्म लूं तो भी गुजरात में विकास कार्यों को पूरे करने में कम पड़ेंगे. कोई साथ दे या न दे, कोई शिकायत नहीं है.

नरेंद्र मोदी ने उपवास के दौरान जनता को संबोधित करते हुये कहा कि मैं वादे में नहीं, विकास में यकीन करता हूं. पहले ही सरकारों ने विकास को वोट बैंक के साथ जोड़ दिया. इससे वोट बैंक तो संभला लेकिन देश नहीं संभला. कुछ लोगों का भला तो हुआ लेकिन अधिकतर लोगों को इसका नुकसान हुआ. मैं लोगों को भ्रमित कर वोट पाने की राजनीति नहीं करता हूं. मैंने टुकड़े फेंकने वाली परंपरा खत्म की है. लेकिन वोट बैंक की राजनीति ने देश को तबाह किया है.

नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुये कहा कि देश का विकास 3 फीसदी को भी पार नहीं कर पा रहा है लेकिन गुजरात ने 11 फीसदी के आंकड़े को पार दिया है. इस विकास के पीछे 6 करोड़ गुजराती है. मेरे शासन में मजदूर ठेकेदार बन गए हैं. विकास की बात होती है तो गुजरात की बात होती है और जब गुजरात की बात होती है तो विकास की बात होती है. यानी गुजरात और विकास एक सिक्के के दो पहलू हैं.

मोदी ने दावा किया कि गोधरा से हिंसा का नामोनिशान खत्म हो गया है. गोधरा के बच्चों को नहीं पता कि कर्फ्यू क्या होता है. राज्य में पिछले 10 सालों से कोई कर्फ्यू नहीं लगा है.