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जरदारी की प्रवक्ता पाकिस्तान छोड़ कर भागी

जरदारी की प्रवक्ता पाकिस्तान छोड़ कर भागी

इस्लामाबाद. 23 जनवरी 2012

फराहनाज इस्पाहानी


पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की प्रवक्ता और अमरीका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी की पत्नी फराहनाज इस्पाहानी आईएसआई से डर कर पाकिस्तान छोड़ कर अमरीका चली गई हैं. उन्होंने कहा है कि उनका अपहरण किया जा सकता था और आईएसआई उनका इस्तेमाल कर सकती थी.

फराहनाज इस्पाहानी ने कहा कि उन्हें यह सूचना मिली थी कि आईएसआई उनका अपहरण करने वाली है. आईएसआई चाहती है कि उनका अपहरण करके उनके पति हुसैन हक्कानी को मेमोगेट मामले में ब्लैकमेल किया जा सके. आईएसआई का दबाव इस बात के लिये था कि उनके पति हक्कानी मेमोगेट कांड में आसिफ अली जरदारी को दोषी बताने में आईएसआई की मदद करें.

गौरतलब है कि हक्कानी के खिलाफ एक पाकिस्तानी मूल के एक अमरीकी व्यापारी मंसूर ऐजाज ने एक लेख में आरोप लगाया था कि उन्होंने पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने सेना की कमान बदलने और चरमपंथी संगठनों से नाता तोड़ने की बात कही थी. इसके लिये उन्होंने एक ज्ञापन बनाया था, जिसे ऐजाज ने अमरीका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एडमिरल माइक मलेन को सौंपा था.

ऐजाज के अनुसार जरदारी को शक था कि सेना उनका तख्ता पलट सकती है, इसलिये उन्होंने अमरीका से गुहार लगाई थी. माइक मलेन ने भी इस तरह का एक गुप्त ज्ञापन सौंपे जाने की पुष्टि की थी. लेकिन उनक कहना था कि इस ज्ञापन को उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया था, इसलिये इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. इस मेमोगेट कांड को लेकर पाकिस्तान में पिछले कुछ महीने से राजनीति गरमाई हुई है.

इन्हीं सब मुद्दों को आधार बनाते हुये इस्पाहानी ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान में उनकी और उनके पति हुसैन हक्कानी की जान खतरे में थी. लोकतांत्रिक सरकार अपने को बचा पाने में असफल हो रही है और मेमोगेट कांड में में मेरे पति को फंसाने की कोशिश हो रही है. इस्पाहानी ने कहा कि पाकिस्तान में सच बोलने वालों को गला घोंटा जा रहा है और ऐसे में वहां किसी लोकतंत्र की उम्मीद नहीं की जा सकती.

हालांकि देर शाम को पाकिस्तान के जीओ टीवी के हवाले से आने वाली खबरों में कहा गया कि इस्पाहानी ने जल्दी ही पाकिस्तान वापसी की बात कही है. इस्पाहानी ने कहा है कि वह आईएसआई और सेना का सम्मान करती हैं. उन्होंने कहा कि वे वॉशिंगटन अपने बच्चों से मिलने आई हैं और जल्द ही पाकिस्तान लौट रही हैं.


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