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पाकिस्तानी संसद का फैसला, मुशर्रफ लौटे तो गिरफ्तारी

पाकिस्तानी संसद का फैसला, मुशर्रफ लौटे तो गिरफ्तारी

इस्लामाबाद. 24 जनवरी 2012

परवेज मुशर्रफ


पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ का पाकिस्तान लौटने की योजना खटाई में पड़ सकती है. पाकिस्तान की संसद ने एक प्रस्ताव पारित करते हुये कहा है कि अगर मुशर्रफ पाकिस्तान लौटे तो राजद्रोह के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के रजा रब्बानी ने कहा कि जनरल परवेज मुशर्रफ ने ही पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और बलूच नेता अकबर बुगती की हत्या के लिये लोगों को उकसाया और उन्हें सहयोग किया. मुशर्रफ पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने संविधान का उल्लंघन करते हुये देश की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को रोकने का काम किया.

ज्ञात रहे कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को पाकिस्तान की एक आतंकरोधी अदालत ने भगौड़ा घोषित कर रखा है. दिसंबर 2007 में हुई पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में रालवपिंडी की अदालत ने उन्हें अदालत में तलब किया था लेकिन वे अदालत में नहीं आये. इसके बाद रावलपिंडी की इस अदालत ने उन्हें फरार घोषित कर दिया. पंजाब सरकार ने पहले ही कह रखा है कि अगर मुशर्रफ ने मुल्क में कदम रखा तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

जनरल परवेज मुशर्रफ ने 1998 में नवाज शरीफ का तख्ता पलट कर पाकिस्तान की सत्ता पर कब्जा किया था और लगातार उन्होंने 2008 तक पाकिस्तान पर शासन किया. इससे पहले 2001 में मुशर्रफ ने खुद को पाकिस्तान का राष्ट्रपति घोषित कर दिया था. लेकिन 2008 में देश में बनते राजनीतिक दबाव के कारण वे पाकिस्तान से खुद ही निर्वासित हो कर लंदन और दुबई में रह रहे हैं.

हाल ही में उन्होंने कहा था कि मेरी विरुद्ध पाकिस्तान में गिरफ़्तारी का वारंट इसलिए जारी हुआ है क्योंकि मैं कोर्ट में उपस्थित नहीं पाया था. उन्होंने कहा कि ये क़ानूनी मसले हैं. ये गलत धारणा है कि मुझ पर कोई आरोप हैं या मैंने कोई आपराधिक कार्य किया है. जब मैं पाकिस्तान लौटूंगा और अदालत में उपस्थित होउंगा तो सब ठीक हो जाएगा.


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